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मीराबाई के पद हिंदी अर्थ सहित | Meera Bai Pad Hindi Meaning

2024-12-02 · सवैया-कवित्त-पद

परिचय

मीराबाई (1498–1546) भक्तिकाल की सगुण काव्यधारा (कृष्णभक्ति शाखा) की अमर कवयित्री और साधिका थीं, जिनका जन्म मेड़ता (राजस्थान) के राजघराने में हुआ था। सांसारिक सुखों, सामाजिक रूढ़ियों और राजमहलों के वैभव को त्यागकर उन्होंने गिरधर गोपाल (श्रीकृष्ण) को ही अपना सर्वस्व और पति स्वीकार किया। उनके गाए भक्ति पद और भजन विरह की तीव्र पीड़ा, अनन्य समर्पण, सरलता और माधुर्य रस की अद्भुत मिसाल हैं। राजस्थानी, ब्रज और गुजराती भाषा के सुंदर समन्वय से रचे गए उनके पद आज भी सदियों बाद जन-जन के हृदय में बसे हैं।

मीराबाई के प्रमुख पद व भजन (अर्थ एवं व्याख्या सहित)

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