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बहिणाबाई के पद : Bahinabai Ke Pad

2026-09-07 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

बहिणाबाई 17वीं शताब्दी की प्रसिद्ध कृष्णभक्त कवयित्री और संत थीं। वे महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा से जुड़ी मानी जाती हैं। उनकी भक्ति में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, समर्पण और आत्मीयता का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। बहिणाबाई ने सरल और सहज भाषा में अपने भक्ति भावों को पदों और अभंगों के माध्यम से व्यक्त किया। उनकी रचनाओं में सांसारिक जीवन के अनुभवों के साथ ईश्वर के प्रति गहरी आस्था और वैराग्य की भावना भी मिलती है। भक्ति साहित्य की परंपरा में उनका स्थान एक महत्वपूर्ण महिला संत-कवयित्री के रूप में माना जाता है।

संत बहिणाबाई के पद व रचनाएँ

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