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नंददास जी के पद | Nanddas Ji Ke Pad

2024-12-01 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

नंददास जी भक्तिकाल की पुष्टिमार्गीय शाखा और अष्टछाप के प्रमुख कवियों में सूरदास जी के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वे गोस्वामी विट्ठलनाथ जी के शिष्य थे और अपनी अद्भुत काव्य-कला व शब्द-चयन के लिए साहित्य जगत में 'और कवि गढ़िया, नंददास जड़िया' के रूप में प्रसिद्ध हैं। इनकी कृतियों में 'रासपंचाध्यायी', 'भंवरगीत' और भक्ति पद प्रमुख हैं, जिनमें ब्रजभाषा का अत्यंत परिष्कृत, संगीतमय और कोमलकांत रूप देखने को मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं युगल लीलाओं के सजीव चित्रण में नंददास जी का योगदान अद्वितीय है।

नंददास के पद एवं प्रमुख रचनाएँ

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