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सैन भगत के सबद, पद : Sain Bhagat Ke Pad, Sabad

2026-09-21 · Savaiyye-kavitt-pad / Shabad / Sabad / सबद

सैन भगत मध्यकालीन संत परंपरा के प्रमुख संत-कवियों में माने जाते हैं। वे रामानंद के बारह शिष्यों में गिने जाते हैं और सैन समुदाय में विशेष श्रद्धा से स्मरण किए जाते हैं। उनकी वाणी में भक्ति के साथ गुरु-महिमा, आत्मज्ञान, वैराग्य और संसार की नश्वरता के भाव प्रमुख रूप से मिलते हैं।

सैन भगत ने अपनी बात सहज लोकभाषा में कही। उनके पदों, दोहों और सबदों में नाम-स्मरण, सद्गुरु की कृपा और मनुष्य के आचरण पर विचार मिलता है। जाति-पाँति और बाहरी आडंबर के स्थान पर वे भक्ति और सदाचार को महत्व देते हैं। उनकी रचनाओं में कबीर, रैदास, नामदेव, पीपा और धन्ना जैसे संतों के प्रति आत्मीयता भी दिखाई देती है। उनकी वाणी आज भी संत साहित्य की भक्ति और समतावादी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सैन भगत के सबद : Sain Bhagat Ke Sabad

सैन भगत के पद : Sain Bhagat Ke Pad

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