परिचय
गोविंद स्वामी भक्तिकाल की पुष्टिमार्गीय काव्य-धारा के प्रतिष्ठित कवि और अष्टछाप के प्रमुख अष्टसखाओं में गिने जाते हैं। वे गोस्वामी विट्ठलनाथ जी के अनन्य शिष्य थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ब्रजभूमि में रहकर श्रीनाथजी की कीर्तन-सेवा में समर्पित कर दिया। गोविंद स्वामी उच्च कोटि के संगीतज्ञ और पदकार थे, जिनकी गायन कला की प्रशंसा समकालीन संगीत सम्राट तानसेन भी करते थे। उनके पदों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीला, गोचारण, हिंडोला, ऋतु-वर्णन और युगल सरकार की रूप-माधुरी का अद्भुत एवं गेय चित्रण मिलता है।
गोविंद स्वामी के पद एवं प्रमुख रचनाएँ
- आजु बधाई नंदमहरि घर / गोविंद स्वामी
- हिंडोरे झूलत पिय प्यारी / गोविंद स्वामी
- दिन दिन होत कंचुकी गाढी / गोविंद स्वामी
- अरी वह नंद महर कौ छौहरा / गोविंद स्वामी
- नाचत दोऊ रंग भरे / गोविंद स्वामी
- जागत सब निसि कहाँ रहे / गोविंद स्वामी
- तू तो प्रीति की रीति न जानै एरी गँवार / गोविंद स्वामी
- गुजरिया बावरी भई / गोविंद स्वामी
- नेंना बरजो न मानें / गोविंद स्वामी
- कहा करों बैकुंठे जाइ / गोविंद स्वामी
- अब मोहि सोवन दे री माइ / गोविंद स्वामी
- ठगौरी घाली री मेरो मनु लियो हरी / गोविंद स्वामी
- टेरत ऊँची टेर सब ग्वाल / गोविंद स्वामी
- भादों की राति अँधियारी / गोविंद स्वामी
- देख सखि बरसन लाग्यो सावन / गोविंद स्वामी
- झूलत राधिका रस भरी / गोविंद स्वामी
- सुनु री स्यामा चतुर सयानी / गोविंद स्वामी
- खेलत फागु लाल गिरिधारी / गोविंद स्वामी
- खेलत रस रास रसिक राधिका / गोविंद स्वामी
- गोरे अंग वारी गोकल गाँव की / गोविंद स्वामी
- ऐसी प्रीति कहूँ नहि देखी / गोविंद स्वामी
- कुंज के द्वार ठाढे हैं मोहन / गोविंद स्वामी
- सुंदरता की ए री हद / गोविंद स्वामी
- गोविंद चले चरावन धेनु / गोविंद स्वामी
- रसिक कुँवरि बलि जाऊँ / गोविंद स्वामी
- जनम लियौ जादौकुल राई / गोविंद स्वामी
- अति रसमाते री तेरे नेंन / गोविंद स्वामी
- तव तें रूप ठगौरी परी / गोविंद स्वामी
- आईं जु स्याम जलद घटा / गोविंद स्वामी
- गोधन पाछें पाछें आवत नटवर / गोविंद स्वामी
- गरजत गगन उठे बदरा / गोविंद स्वामी
- झूठी मीठी बतियन हो लालन / गोविंद स्वामी
- देखत रूप ठगोरी लागी / गोविंद स्वामी
- प्यारी री बदन कमल तेरो / गोविंद स्वामी
- जमुना सी नाहिं कोऊ और दाता / गोविंद स्वामी
- उठि चलि मान तजि बाबरी / गोविंद स्वामी
- कहा री भयो मुख मोरें / गोविंद स्वामी
- आवति माई राधिका प्यारी / गोविंद स्वामी
- कनक कुंडल झाईं / गोविंद स्वामी
- आजु बनी अति सारंग नेंनी / गोविंद स्वामी
- पीवत नेंन अघात मनमोहिनी / गोविंद स्वामी
- लाल मेरी सुरंग चूनरी देहु / गोविंद स्वामी
- गिरिधर कौन प्रकृति तिहारी / गोविंद स्वामी
- कब दान दीनौ कब दान लीनों / गोविंद स्वामी
- जीवन परिचय / गोविंद स्वामी