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गोविंद स्वामी के पद | Govind Swami Ji Ke Pad

2024-12-02 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

गोविंद स्वामी भक्तिकाल की पुष्टिमार्गीय काव्य-धारा के प्रतिष्ठित कवि और अष्टछाप के प्रमुख अष्टसखाओं में गिने जाते हैं। वे गोस्वामी विट्ठलनाथ जी के अनन्य शिष्य थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ब्रजभूमि में रहकर श्रीनाथजी की कीर्तन-सेवा में समर्पित कर दिया। गोविंद स्वामी उच्च कोटि के संगीतज्ञ और पदकार थे, जिनकी गायन कला की प्रशंसा समकालीन संगीत सम्राट तानसेन भी करते थे। उनके पदों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीला, गोचारण, हिंडोला, ऋतु-वर्णन और युगल सरकार की रूप-माधुरी का अद्भुत एवं गेय चित्रण मिलता है।

गोविंद स्वामी के पद एवं प्रमुख रचनाएँ

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