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पद्माकर के सवैये और कवित्त | Padmakar Ki Kavita in Hindi

2025-08-13 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

कविवर पद्माकर (1753–1833) रीतिकाल के अंतिम चरण के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली आचार्य कवि माने जाते हैं। उन्होंने अपने काव्य में श्रृंगार, वीर और भक्ति रस का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत कर ब्रजभाषा साहित्य को चरम उत्कर्ष पर पहुँचाया। अनुप्रास की सहज छटा, बिंब-विधान और होली-फाग व प्रकृति के सजीव वर्णन उनके कवित्त और सवैयों की प्रमुख पहचान हैं। ‘हिम्मतबहादुर विरुदावली’, ‘जगतविनोद’ और ‘गंगा लहरी’ जैसी अमर कृतियों ने उन्हें हिंदी साहित्य में कालजयी स्थान दिलाया।

पद्माकर का काव्य : सवैया एवं कवित्त संग्रह

📜 विषय-सूची — पद्माकर का काव्य

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