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बैजू संगीतकार और कवि के पद : Kavi Baiju Ke Pad

2026-09-07 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

बैजू (बैजू बावरा) 15वीं शताब्दी के महान संगीतज्ञ, ध्रुपद गायक और मध्यकालीन भारतीय संगीत परंपरा के अमर साधक माने जाते हैं। उनका ऐतिहासिक संबंध चंदेरी (मध्य प्रदेश) से जुड़ा है। वे ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर की संगीत सभा के प्रमुख रत्न थे और उन्होंने ध्रुपद गायन शैली को परिष्कृत कर जनमानस में लोकप्रिय बनाया। उनके पदों में नाद-ब्रह्म की साधना, भक्ति, प्रकृति-सौंदर्य और शास्त्रीय राग-रागिनियों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

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