लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

बिहारिनिदेव के पद : Biharinidev Ji Ke Pad

2026-09-07 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

स्वामी बिहारिनिदेव जी (17वीं शताब्दी) भक्तिकाल की सखी (हरिदासी) संप्रदाय परंपरा के अत्यंत प्रतिष्ठित संत-कवि एवं संगीतज्ञ थे। वे संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी के प्रमुख शिष्यों की परंपरा में आते हैं और उन्होंने निधिवन के नित्य निकुंज रस को अपनी वाणी का केंद्र बनाया। इनके पदों में श्री राधा-कृष्ण (श्यामा-कुंजबिहारी) की युगल छवि, केली-विलास, वृंदावन वास की महिमा और अनन्य निष्ठा का अत्यंत मधुर एवं गूढ़ चित्रण मिलता है। ब्रजभाषा के गेय पदों में रचित इनकी 'बिहारिनिदेव जी की बानी' भक्ति साहित्य और शास्त्रीय संगीत की अनमोल धरोहर है।

स्वामी बिहारिनिदेव जी के पद एवं प्रमुख रचनाएँ

इन रचनाओं को भी पढ़िए

सवैया-कवित्त-पदSavaiyye Kavitt Padबिहारिनिदेव के पदBiharinidev Ji Ke PadबिहारिनिदेवBiharinidev
← सभी रचनाएँ