सियारामशरण गुप्त राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के छोटे भाई थे, पर उन्होंने अपनी अलग राह बनाई और अपनी अलग पहचान कमाई। जहाँ बड़े भाई की कविता में राष्ट्रीय चेतना प्रमुख थी, वहाँ सियारामशरण की कविता में करुणा, दया और मानवीय संवेदना का स्वर गहरा है। उन्होंने इतिहास को काव्य का विषय बनाया — 'मौर्य विजय' में चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के दौर की राजनीति है, 'पाटलिपुत्र' में उसी नगर की कथा, और 'दिवोदास' में बुद्धकालीन समाज। इन खंडकाव्यों में उन्होंने सिर्फ़ राजाओं की जीत नहीं लिखी, बल्कि उस दौर के आम लोगों की पीड़ा भी लिखी — यही उन्हें दूसरे ऐतिहासिक कवियों से अलग करता है। उनकी भाषा सरल है और लय साफ़, इसलिए लंबे खंडकाव्य भी पढ़े जाते हैं। 'नकुल' जैसी रचनाओं में उन्होंने महाभारत के गौण पात्रों की ओर देखा, जो उस दौर में नई बात थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में लिखी उनकी कविताओं में देश-प्रेम साफ़ झलकता है, पर वे कभी नारेबाज़ी में नहीं बदलतीं।
इस पन्ने की रचनाएँ
- प्यारे बापू / सियाराम शरण गुप्त
- एक फूल की चाह / सियाराम शरण गुप्त
- विदा के समय / सियाराम शरण गुप्त
- स्नेह-रीति / सियाराम शरण गुप्त
- एक बूँद / सियाराम शरण गुप्त
- जाग्रत / सियाराम शरण गुप्त
- आह्लाद / सियाराम शरण गुप्त
- यात्री-1 / सियाराम शरण गुप्त
- यात्री-2 / सियाराम शरण गुप्त
- कब / सियाराम शरण गुप्त
- कृतघ्न / सियाराम शरण गुप्त
- अनौचित्य / सियाराम शरण गुप्त
- असमय / सियाराम शरण गुप्त
- निर्विवेक / सियाराम शरण गुप्त
- सु-अवसर/ सियाराम शरण गुप्त
- संतोष/ सियाराम शरण गुप्त
- अपूर्ण यांचा / सियाराम शरण गुप्त
- सुजीवन / सियाराम शरण गुप्त
- कामना / सियाराम शरण गुप्त
- परीक्षा / सियाराम शरण गुप्त
- माली के प्रति / सियाराम शरण गुप्त
- गूढाशय / सियाराम शरण गुप्त
- मृत्यु भय / सियाराम शरण गुप्त
- गृह प्रदीप / सियाराम शरण गुप्त
- शरणागत / सियाराम शरण गुप्त
- अभागा फूल / सियाराम शरण गुप्त
- विनय / सियाराम शरण गुप्त
- भेंट / सियाराम शरण गुप्त
- पलायित / सियाराम शरण गुप्त
- दूरागत गान / सियाराम शरण गुप्त
- स्वप्न / सियाराम शरण गुप्त
- स्वर्ण-प्रतिमा / सियाराम शरण गुप्त
- मौनालाप / सियाराम शरण गुप्त
- घनाह्लाद / सियाराम शरण गुप्त
इसी शृंखला के अन्य कवि
- राधाचरण गोस्वामी की रचनाएँ
- अम्बिका दत्त व्यास की रचनाएँ
- रामचरित उपाध्याय की रचनाएँ
- गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' की रचनाएँ
- रामनरेश त्रिपाठी की रचनाएँ
- मोहनलाल महतो 'वियोगी' की रचनाएँ
- रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' की रचनाएँ
- बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की रचनाएँ
- शिवमंगल सिंह 'सुमन' की रचनाएँ
- रांगेय राघव की रचनाएँ
- मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएँ