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रांगेय राघव की कविताएँ : Rangeya Raghav Kavita

2026-11-05 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

रांगेय राघव कवि के साथ-साथ कथाकार भी थे, और हिंदी साहित्य में उनकी पहचान दोनों रूपों में बनी। 'मुर्दों का टीला' उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है, जिसमें मुग़लकालीन भारत का चित्र है — सिर्फ़ दरबार की चमक नहीं, बल्कि उस दौर के आम लोगों की ज़िंदगी, उनके संघर्ष और उनकी मान्यताएँ। इस उपन्यास ने उन्हें उस दौर के बड़े कथाकारों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। उन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों पर बहुत कुछ लिखा, और उनकी लेखनी की रफ़्तार भी अद्भुत थी। उनकी कविता में इतिहास-बोध के साथ समाज पर पैनी दृष्टि मिलती है — कहीं व्यंग्य है, कहीं करुणा, और कहीं सीधा सवाल। कविता में वे उतने प्रसिद्ध नहीं जितने उपन्यास में, पर उनकी कविताएँ उनके गद्य को समझने के लिए ज़रूरी हैं — क्योंकि वही संवेदना दोनों जगह काम कर रही है। यहाँ उनकी उपलब्ध कविताएँ एक जगह दी गई हैं।

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