लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की रचनाएँ : Balkrishna Sharma Navin Rachnayein

2026-11-05 · दोहा / Dohe / हिंदी कविता / Hindi Poetry

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' क्रांतिकारी कवि थे, और उनका पूरा जीवन स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा। वे जेल में रहे, पर वहाँ भी लिखना नहीं छोड़ा — जेल में लिखी उनकी कविताएँ उस दौर के युवाओं के लिए हौसले का स्रोत बनीं। 'कुंकुम' उनका प्रसिद्ध काव्य-संग्रह है, जिसमें देश-प्रेम और संघर्ष की कविताएँ हैं। 'विद्रोही' उनकी सबसे प्रसिद्ध कविता है — इसमें जो आवाज़ है, वह सिर्फ़ राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की बेचैनी है। उनकी कविता में मज़दूर, किसान और आम आदमी की बात है, और यह बात उस दौर में नई थी जब कविता अक्सर प्रेम और सौंदर्य तक सीमित थी। भाषा उनकी सरल है, लय तेज़ है, और कविता पढ़ते हुए लगता है जैसे कोई सामने खड़ा होकर बोल रहा हो।

कविताएँ

दोहे

इसी शृंखला के अन्य कवि

इन रचनाओं को भी पढ़िए

दोहेDoheहिंदी कविताHindi Poetryबालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की रचनाएँBalkrishna Sharma Navin Rachnayeinबालकृष्ण शर्मा 'नवीन'BalkrishnaSharmaNavin
← सभी रचनाएँ