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सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविताएँ : Suryakant Tripathi Nirala Kavita

2026-09-13 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ (1896–1961) हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। वे छायावाद के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं। उनकी रचनाओं में प्रकृति, मानव जीवन, सामाजिक विषमता, स्वतंत्रता और मानवीय संवेदनाओं के भाव दिखाई देते हैं। ‘राम की शक्ति पूजा’, ‘सरोज स्मृति’, ‘वह तोड़ती पत्थर’ और ‘कुकुरमुत्ता’ उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में शामिल हैं। निराला ने हिंदी कविता को नई भाषा, नए भाव और स्वतंत्र अभिव्यक्ति दी। उनका साहित्य अपने समय की सामाजिक परिस्थितियों से भी जुड़ा हुआ था। हिंदी साहित्य में अपने मौलिक और प्रभावशाली लेखन के कारण निराला का विशेष स्थान है।

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की प्रमुख कविताएं एवं रचनाएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म कब और कहाँ हुआ?
निराला का जन्म 1896 में बंगाल के मेदिनीपुर में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक तथा छायावाद के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं।

निराला की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
‘राम की शक्ति-पूजा’, ‘सरोज-स्मृति’, ‘वह तोड़ती पत्थर’ और ‘कुकुरमुत्ता’ निराला की प्रसिद्ध रचनाओं में शामिल हैं।

निराला किस काव्य-धारा से जुड़े थे?
निराला छायावाद के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं; उन्होंने हिंदी कविता को नई भाषा, नए भाव और स्वतंत्र अभिव्यक्ति दी।

निराला की प्रसिद्ध कविताएँ कौन-सी हैं?
‘राम की शक्ति-पूजा’, ‘सरोज-स्मृति’, ‘तोड़ती पत्थर’, ‘बादल राग’, ‘अट नहीं रही है’ और ‘जूही की कली’ निराला की प्रसिद्ध कविताएँ हैं।

NCERT में निराला की कौन-सी कविताएँ पढ़ाई जाती हैं?
NCERT हिंदी पाठ्यक्रम में निराला की ‘सरोज-स्मृति’, ‘बादल राग’ और ‘अट नहीं रही है’ (कक्षा 10, क्षितिज) जैसी कविताएँ शामिल हैं।

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