शकेब जलाली (1934–1966) आधुनिक उर्दू के प्रसिद्ध शायर थे। उनका वास्तविक नाम सैयद हसन रिज़वी था और उनका जन्म जलाली, अलीगढ़ में हुआ था। कम उम्र में ही उन्होंने उर्दू ग़ज़ल में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी प्रमुख कृति ‘रौशनी ऐ रौशनी’ है, जो उनके निधन के बाद प्रकाशित हुई
- मुजरिम
- जश्न-ए-'ईद
- साथी
- इन्फ़िरादियत परस्त
- याद
- दावत-ए-फिक्र
- मुबारक वो साअत
- काला पत्थर
- पादाश
- रात के पिछले पहर
- जिहत की तलाश
- लरज़ता दीप
- इंदिमाल
- गुरेज़-पा