लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

साहिर लुधियानवी की नज़्में : Sahir Ludhianvi Nazm Hindi

2026-09-09 · Nazms

साहिर लुधियानवी (1921–1980) उर्दू के प्रसिद्ध शायर, कवि और गीतकार थे। उनका वास्तविक नाम अब्दुल हयी था और वे प्रगतिशील काव्यधारा के प्रमुख रचनाकारों में गिने जाते हैं। उनकी शायरी में प्रेम, सामाजिक विषमता, शोषण और मानवीय संवेदना के स्वर प्रमुख हैं।
उनकी प्रमुख कृतियों में ‘तल्ख़ियाँ’, ‘आओ कि कोई ख़्वाब बुनें’ और ‘गाता जाए बंजारा’ शामिल हैं। फ़िल्मी गीतों में ‘जिन्हें नाज़ है हिंद पर’, ‘ये दुनिया अगर मिल भी जाए’ और ‘मैं पल दो पल का शायर हूँ’ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
उनकी विशिष्टता प्रेम और रोमांस को सामाजिक चेतना तथा विद्रोही तेवर के साथ जोड़ने में है। उन्हें पद्मश्री (1971) और दो फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिले; ताजमहल (1963) और कभी-कभी (1976) के गीतों के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला।

इन रचनाओं को भी पढ़िए

नज़्मNazmसाहिर लुधियानवी की नज़्मेंSahir Ludhianvi Nazm Hindiसाहिर लुधियानवीSahirLudhianvi
← सभी रचनाएँ