मलूकदास पद संग्रह: 12 प्रसिद्ध भजन और पदों की सूची
संत मलूकदास जी के सभी प्रसिद्ध पद, भजन और दोहे एक ही जगह पढ़ें। नीचे दी गई सूची से अपनी पसंद का पद चुनें और उसका पूरा पाठ, अर्थ और भजन वीडियो देखें। यह मलूकदास पद संग्रह भक्ति प्रेमियों के लिए बनाया गया है।
मलूकदास जी का संक्षिप्त जीवन परिचय
मलूकदास का जन्म इलाहाबाद के कड़ा ग्राम में हुआ। पिता सुंदरदास जाति के क्षत्रिय थे। बचपन से ही मलूकदास को साधु-सेवा का व्यसन था। पिता कंबल बेचने भेजते तो ये उन्हें दीन-दुखियों को बाँट देते। सदा ईश्वर-प्रेम में तल्लीन रहते। पुरी के जगन्नाथजी पर इन्हें बड़ी श्रद्धा थी, आज भी वहाँ 'मलूकदास की रोटी' का भोग लगता है। इन्होंने 'ज्ञान बोध', 'रत्नखान', 'भक्ति विवेक' और 'ध्रुव चरित' जैसे ग्रंथ रचे।
मलूकदास जी के 12 प्रसिद्ध पद - पूरी सूची
- कौन मिलावै जोगिया हो - विरह और ईश्वर मिलन की पुकार पर प्रसिद्ध पद
- अब तेरी सरन आयो राम - पूर्ण समर्पण और शरणागति का भजन
- हरि समान दाता कोउ नाहीं - ईश्वर की दयालुता का वर्णन
- दरद-दिवाने बावरे - भक्ति में मस्ती और दीवानगी पर पद
- नाम हमारा खाक है - विनम्रता और अहंकार त्याग का उपदेश
- तेरा मैं दीदार-दीवाना - ईश्वर दर्शन की तीव्र इच्छा
- गरब न कीजै बावरे - घमंड न करने की सीख देता प्रसिद्ध दोहा
- राम कहो राम कहो - राम नाम जप की महिमा
- दया धरम हिरदे बसै - दया और धर्म पर अमृत वचन
- दीनदयाल सुनी जबतें - करुणामय ईश्वर की भक्ति
- अब तो अजपा जपु मन मेरे - मन को अजपा जाप की प्रेरणा
- कबहूँ न करते बंदगी - सच्ची भक्ति और बंदगी पर पद
मलूकदास जी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: मलूकदास का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: उनका जन्म इलाहाबाद (प्रयागराज) के कड़ा ग्राम में हुआ था।
प्रश्न: मलूकदास की प्रसिद्ध रचनाएँ कौन सी हैं?
उत्तर: ज्ञान बोध, रत्नखान, भक्ति विवेक और ध्रुव चरित उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।