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खुमान बंदीजन के सवैये और कवित्त | Khuman Bandijan Kavita

2025-08-13 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

कवि खुमान बंदीजन रीतिकाल के उत्तरार्ध के एक अत्यंत समर्थ, ओजस्वी और बहुमुखी प्रतिभा संपन्न कवि थे। वे चरखारी (बुंदेलखंड) नरेश महाराज रतनसिंह और महाराज विजयसिंह के दरबारी कवि व बंदीजन रहे। इनकी रचनाओं में वीर, रौद्र और अद्भुत रस के साथ-साथ उत्कृष्ट आलंकारिकता, सवैया व कवित्त छंद का अनुपम प्रवाह देखने को मिलता है। 'लक्ष्मण शतक' और 'रतन-हज़ारा' जैसी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने रीतिकालीन काव्य-परंपरा को विशिष्ट पहचान दिलाई।

खुमान बंदीजन का काव्य : कवित्त एवं सवैया

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