जावेद अख़्तर (जन्म 1945) हिंदी-उर्दू के प्रसिद्ध शायर, कवि, गीतकार और पटकथा लेखक हैं। वे सलीम ख़ान के साथ ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी के रूप में ज़ंजीर, दीवार और शोले जैसी चर्चित फिल्मों की पटकथा लिखकर प्रसिद्ध हुए। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘तरकश’ और ‘लावा’ शामिल हैं। उनकी रचनाओं में प्रेम, मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और जीवन-दृष्टि के साथ सहज एवं प्रभावशाली भाषा दिखाई देती है।
उन्हें पद्मश्री (1999), पद्मभूषण (2007) और साहित्य अकादमी पुरस्कार (2013) सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। साहित्य अकादमी पुरस्कार उन्हें उर्दू कविता-संग्रह ‘लावा’ के लिए मिला।
- ये खेल क्या है
- वक़्त
- बंजारा
- दुश्वारी
- आँसू
- अजीब आदमी था वो
- वो कमरा याद आता है
- नया हुक्म-नामा
- दोराहा
- पंद्रह अगस्त
- भूक
- शबाना
- मेले
- आरज़ू के मुसाफ़िर
- ए'तिराफ़
- उलझन
- अजीब क़िस्सा है
- एक मोहरे का सफ़र
- बे-घर
- बरगद
- जहन्नमी
- दिल
- मुअम्मा
- एक शाएर दोस्त से
- हम-साए के नाम
- काएनात
- कच्ची बस्ती
- ''मेरा आँगन मेरा पेड़''
- मिरी दुआ है
- बीमार की रात
- आसार-ए-क़दीमा
- परस्तार