हरीराम व्यास जी राधावल्लभ सम्प्रदाय के उच्च कोटि के भक्त और कवि थे। वे ओरछा के रहने वाले थे और उनका पूरा नाम हरीराम व्यास था। उनकी भक्ति अनन्य रसिक भाव की थी, इसलिए उनके पदों में राधावल्लभ के प्रति गहरा प्रेम झलकता है। नीचे हरीराम व्यास के दोहे और पदों की पूरी सूची दी गई है, क्लिक करके पूरा पाठ पढ़ें:
हरीराम व्यास के पद और दोहे - पूरी सूची
- हरीराम व्यास के दोहे - दोहों का मुख्य संग्रह
- हरीराम व्यास के पद - पदों का मुख्य संग्रह
- हरि-दासन के निकट न आवत - प्रसिद्ध पद
- कहा-कहा नहिं सहत सरीर - प्रसिद्ध पद
- राधावल्लभ मेरौ प्यारौ - सबसे प्रसिद्ध पद
- जो सुख होत भक्त घर आये - भक्ति पर पद
- सुघर राधिका प्रवीन - राधा वर्णन पर पद
- रसिक अनन्य हमारी जाति - अनन्य भक्ति पर पद
- पिय कौ नाचन सिखवति प्यारी - प्रसिद्ध पद
- जैए कौन के अब द्वार - वैराग्य पर पद
- गौर मुख चंद्रमा की भाँति - रूप वर्णन पर पद
- हरि-बिनु को अपनो संसार - प्रसिद्ध पद
- सुने न देखे भक्त भिखारी - भक्त महिमा पर पद
- हरीराम व्यास परिचय - जीवन परिचय विस्तार से