लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

चेतनदास जी री रचना संग्रह (हाड़ौती ) : Chetandas Ji Rachna Pad

2026-09-06 · Savaiyye-kavitt-pad

परिचय

संत चेतनदास (1733–1777) हाड़ौती अंचल के प्रतिष्ठित संत-कवि एवं रामस्नेही संप्रदाय की निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में राम-नाम सिमरन, गुरु-महिमा, संसार की नश्वरता और वैराग्य भाव का अत्यंत मार्मिक व सहज निरूपण किया है। इनकी कुंडलियाँ, साखियाँ और पद हाड़ौती व राजस्थानी मिश्रित भाषा में जनमानस को आध्यात्मिक चेतना का बोध कराते हैं। क्षेत्रीय संत साहित्य और लोक-भक्ति परंपरा में चेतनदास जी का स्थान अत्यंत आदरणीय एवं महत्वपूर्ण माना जाता है।

चेतनदास जी की प्रमुख रचनाएँ : कुंडलियाँ, साखी व पद

इन रचनाओं को भी पढ़िए

सवैया-कवित्त-पदSavaiyye Kavitt Padचेतनदास जी री रचना संग्रह (हाड़ौती )Chetandas Ji Rachna PadChetandasRachna
← सभी रचनाएँ