बिन्दु जी (1893–1964) हिंदी के भक्तिपरक साहित्य से जुड़े रचनाकार और संत थे। उनका जन्म 1893 में अयोध्या, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनका साहित्य मुख्य रूप से रामभक्ति और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा रहा। उन्होंने मोहन मोहनी, मानस माधुरी, राम राज्य, कीर्तन मंजरी और राम गीता जैसी कृतियों की रचना की। उनकी रचनाओं में भक्ति, रामचरित और धार्मिक जीवन से जुड़े भावों को स्थान मिला है। बिन्दु जी का वृंदावन से भी गहरा संबंध रहा और उन्होंने वहाँ प्रेम धाम आश्रम की स्थापना की। 1 दिसंबर 1964 को उनका निधन हुआ। हिंदी के भक्तिपरक साहित्य और वृंदावन की धार्मिक परंपरा में उनके योगदान के कारण उन्हें स्मरण किया जाता है।
बिन्दु जी महाराज पद, प्रेम-गीत संग्रह
बिन्दु जी महाराज के भक्ति पदों और प्रेम-गीतों का यह संग्रह है। यहाँ सुघर साँवले, हमारे दोनों एक धनी और जय-जय बिन्दु और ब्रजनंदन जैसे लोकप्रिय भजन शामिल हैं।
बिन्दु जी के भजन / पद / रचनाएँ
- श्याम प्यारे दिलदार अपनी झलक दिखा दो बिन्दु जी भजन
- श्याम तेरी छटा प्यारी जो पिया करते हैं बिन्दु जी भजन
- श्याम चरणों में मन को लगाये जायेंगे बिन्दु जी भजन
- वो जाने श्याम की नजरों के मजे कस-कस के बिन्दु जी भजन
- वो ख़ुशकिस्मत है जिसका श्यामसुन्दर से लगा दिल हो बिन्दु जी भजन
- विरही की विरह वेदनाएँ सुनकर भी भूल जाते हो बिन्दु जी भजन
- वही प्यारा है जिसका हुस्न हर दिल को हिलाता हो बिन्दु जी भजन
- संसार के करतार का साकार न होता बिन्दु जी भजन
- श्रीराम धुन में जब तक मन तू मगन न होगा बिन्दु जी भजन
- श्याम सुंदर तुझे कुछ मेरी खबर है कि नहीं बिन्दु जी भजन
- श्यामसुंदर अब तो हम आशिक तुम्हारे बन गए बिन्दु जी भजन
- श्याम मनहर से मन को लगाया नहीं बिन्दु जी भजन
- श्याम सुंदर को बस एक नज़र देख ले बिन्दु जी भजन
- समझो न यह कि आँखें आँसू बहा रही हैं बिन्दु जी भजन
- सभी तुझसे कहते हैं हाल अपना-अपना बिन्दु जी भजन
- सदा श्याम-श्यामा पुकारा करेंगे बिन्दु जी भजन
- सदा अपनी रसना को रसमय बनाकर बिन्दु जी भजन
- सच पूछो तो मुझको नहीं है ज्ञान तुम्हारा बिन्दु जी भजन
- सुघर साँवले पर लुभाए हुए हैं बिन्दु जी भजन
- हमेशा दीनों को छोड़कर भी लुभा जो करते हो चार बातें बिन्दु जी भजन
- हमें निज धर्म पर चलना बताती रोज रामायण बिन्दु जी भजन
- हमारे दोनों एक धनी बिन्दु जी भजन
- हमारे मन हरी सुमिरन धन भावे बिन्दु जी भजन
- हमारी बार तुम निकले मनमोहन सनम झूठे बिन्दु जी भजन
- हमको जग ने ख़ुद ही छोड़ा बिन्दु जी भजन
- हाँ मेरी आँखों में वही दिलदार है बिन्दु जी भजन
- हाजिर सरकार जनों के लिए बिन्दु जी भजन
- हाँ मेरा मोहन मुरली वाला बिन्दु जी भजन
- हरि बोल मेरी रसना घड़ी-घड़ी बिन्दु जी भजन
- हीरा जैसी श्वांस बातों में बीती जाय रे बिन्दु जी भजन
- हिन्द में प्रति वर्ष आती है नवमी राम की बिन्दु जी भजन
- हिन्दू कुल का है सम्मान श्री गोविन्द और गौ से बिन्दु जी भजन
- हिंडोले झूलत दोऊ सरकार बिन्दु जी भजन
- हे नाथ! दयावानों के सिरमौर बिन्दु जी भजन
- हे दयामय दीन पालक अज विमल निष्काम हो बिन्दु जी भजन
- जलवा-ए-यार है कहाँ जख्मी दिलो जिगर में है बिन्दु जी भजन
- जय-जय बिन्दु और ब्रजनंदन बिन्दु जी भजन
- जय जगपति जय जनपति रघुकुलपति राम बिन्दु जी भजन
- जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे बिन्दु जी भजन
- जब दर पे तुम्हारे ही अधमों का ठिकाना है बिन्दु जी भजन
- जो उस साँवले को सदा ढूंढता है बिन्दु जी भजन
- जीवन को मैंने सौंप दिया अब सब भार तुम्हारे हाथों में बिन्दु जी भजन
- जिससे ब्रजमंडल का मन गोपाल मनमोहन में है बिन्दु जी भजन
- जिसने घनश्याम तेरे प्रेम का अरमान लिया बिन्दु जी भजन
- जिस पर ये दिल फ़िदा है दिलदार वो है निराला बिन्दु जी भजन
- जिस दर पै ठिकाना है वह दर कभी न ढूँढा बिन्दु जी भजन
- जिसकी चितवन का इशारा दिल में है बिन्दु जी भजन
- जिनकी मधुर मोहनी शोभा लखि दृग होत निहाल बिन्दु जी भजन
- जिधर मैं देखता हूँ मुझको नज़र वो घनश्याम आ रहा है बिन्दु जी भजन
- जाता कभी स्वभाव न खल का बिन्दु जी भजन
- तरीका अब निराला अपनी सेवा का दिखाएँगे बिन्दु जी भजन
- जो श्याम पर फ़िदा हो बिन्दु जी भजन
- जो नहिं प्रेम प्याला पिया बिन्दु जी भजन
- जो तू चाहे कि श्याम को बिन्दु जी भजन
- जो करुणाकर तुम्हारा ब्रज में फिर अवतार हो जाए बिन्दु जी भजन
- तेरी कंचन सी काया पल में ढल जाय बिन्दु जी भजन
- तेरा कौन संघाती हरि बिन! बिन्दु जी भजन
- तूने किया न हरि का ध्यान जग में जन्म व्यर्थ ही बीता बिन्दु जी भजन
- तुम्हारी कृपा है तो दुश्मन का डर क्या बिन्दु जी भजन
- तुमने घनश्याम अधीनों को तारा होगा बिन्दु जी भजन
- दिखा देते हो जब रुख साँवले सरकार थोड़ा-सा बिन्दु जी भजन
- दास रघुनाथ का नंदसुत का सखा बिन्दु जी भजन
- दशा मुझ दीन की भगवन सम्हालोगे तो क्या होगा बिन्दु जी भजन
- दरश दिखला दो राजिब नैन बिन्दु जी भजन
- तोलने बैठा हूँ मैं आज बिन्दु जी भजन
- तोता मैना प्रश्नोत्तरी बिन्दु जी भजन
- न किया जिसने भजन राम का वो नर कैसा बिन्दु जी भजन
- धर्मों में सबसे बढकर हमनें ये धर्म जाना बिन्दु जी भजन
- दो शुभ संगति दीन दयाल बिन्दु जी भजन
- दोऊ जने लेत लतन की ओटें बिन्दु जी भजन
- दृग तीर तेरे मोहन! जिस दिल को ढूँढते हैं बिन्दु जी भजन
- दिल तो प्यारा है मगर दिल से प्यारा तू है बिन्दु जी भजन
- पतझड़ न खिज़ां है न गर्द ओ गुबार है बिन्दु जी भजन
- नक्शा है दिल तस्वीर घनश्याम की बिन्दु जी भजन
- न यज्ञ साधन न तप क्रियाएँ बिन्दु जी भजन
- न शुभ कर्म धर्मादि धारी हूँ भगवन बिन्दु जी भजन
- न मैं घनश्याम तुमको दुःख से घबराकर छोडूंगा बिन्दु जी भजन
- न तो रूप है न तो रंग है बिन्दु जी भजन
- ध्यान घनश्याम का दीवाना बना देता है बिन्दु जी भजन
- पुकार सुन लो जरा काली कमली वाले बिन्दु जी भजन
- पाप लाखों के जो तू हर गया बंशी वाले बिन्दु जी भजन
- पर प्रेम की इस दिल में लगी घात न होती बिन्दु जी भजन
- बंसी वाले हमारी खबर लेना बिन्दु जी भजन
- बंसी वाले क्यों नहीं आते हमारी आह पर बिन्दु जी भजन
- प्रेम ही है अपना सिद्धांत बिन्दु जी भजन
- प्रभो मुझको सेवक बनाना पड़ेगा बिन्दु जी भजन
- प्रभो दो वही पीड़ामय प्यार बिन्दु जी भजन
- प्रभो अपने दरबार से अब न टालो बिन्दु जी भजन
- प्रबल प्रेम के पाले पड़कर प्रभु को नियम बदलते देखा बिन्दु जी भजन
- बाँका झूला सिय साजन कारी बिन्दु जी भजन
- बहुत दिन से तारीफ़ सुनकर तुम्हारी बिन्दु जी भजन
- बसहु मन! मनमोहन के पाँव! बिन्दु जी भजन
- बताऊँ श्याम तुम्हें मैं क्या कि क्या हूँ बिन्दु जी भजन
- भज मन तुल्सीदासं भज मन तुलसीदासं बिन्दु जी भजन
- भक्तजन मुदित मन हृदय सुमिरन करो हर हर महादेव बिन्दु जी भजन
- भक्त बनता हूँ मगर अधमों का सिरताज भी बिन्दु जी भजन
- बैठे कहाँ रूठ के ब्रजधाम बसैया बिन्दु जी भजन
- भोले भक्तों के भावों को कैसे भगवन भुलायेंगे बिन्दु जी भजन
- भीजत श्याम कुञ्जन में दोऊ अटके बिन्दु जी भजन
- भवसागर का रत्न वही है जिसमें कुछ निर्मलता है बिन्दु जी भजन
- भटका बहुत मन माया में अब हरि से ध्यान लगा लेना बिन्दु जी भजन
- भजन श्यामसुंदर का करते रहोगे बिन्दु जी भजन
- मस्ती में हमारी भी जो परवाह नहीं करते बिन्दु जी भजन
- मन! ग्रहण करो अंतिम उपदेश बिन्दु जी भजन
- मन! अब तो सुमिर ले राधेश्याम बिन्दु जी भजन
- मन मूरख बोल राधे कृष्ण हरे बिन्दु जी भजन
- मन की मन में रहनी चाहिए बिन्दु जी भजन
- मुझसे अधम अधीन उबरे न जाएँगे बिन्दु जी भजन
- मुझ पर भी दया की कर दो नज़र जरा बिन्दु जी भजन
- मुझे नहीं नाथ कुछ है चिंता बिन्दु जी भजन
- मिलूँ गर मेरे मन से मन मिलते हो मदनमोहन बिन्दु जी भजन
- मिला है मुझको किस्मत से खयाले रिन्द मस्ताना बिन्दु जी भजन
- मातेश्वरी तू धन्य है मातेश्वरी तू धन्य है बिन्दु जी भजन
- मैं घनश्याम को देखता जा रहा हूँ बिन्दु जी भजन
- मैं घनश्याम का बाबला हो रहा हूँ बिन्दु जी भजन
- मेरे राम मुझे अपना लेना बिन्दु जी भजन
- मेरा यार यशोदा-कुँवर हो चुका है बिन्दु जी भजन
- मेरे और मोहन के दरम्यान होकर बिन्दु जी भजन
- मेरी और मोहन की बात मैं जानूँ या वो जाने बिन्दु जी भजन
- योगी न अती आकिलो दाना न बना दे बिन्दु जी भजन
- ये झगड़ा है मोहन हमारा तुम्हारा बिन्दु जी भजन
- ये सच है मोहन कृपा न करते बिन्दु जी भजन
- ये न कहना कि अजी क्या है भला चोरी में बिन्दु जी भजन
- ये अर्ज साँवले सरकार हम सुनते हैं बिन्दु जी भजन
- यूँ मधुर मुरली बजी घनश्याम की बिन्दु जी भजन
- या तो जादू तुझे श्याम हुनर आता है बिन्दु जी भजन
- यूँ अगर आप मोहन मुकर जाएँगे बिन्दु जी भजन
- यही हरिभक्त सब कहते हैं यही सब ग्रन्थ गाते हैं बिन्दु जी भजन
- यही नाम मुख में हो हरदम हमारे बिन्दु जी भजन
- यह तमन्ना है कि घनश्याम का शैदा बन जाऊँ बिन्दु जी भजन
- यदि नाथ का नाम दयानिधि है बिन्दु जी भजन
- मोहन हम भी तुमसे रूठे! बिन्दु जी भजन
- मोहन प्रेम बिना! मिलता नहीं चाहे करले कोटि उपाय बिन्दु जी भजन
- रसना निशदिन भज हरि का नाम बिन्दु जी भजन
- लड़ गईं लड़ गईं हो अखियाँ लड़ गईं श्यामसुन्दर से बिन्दु जी भजन
- लगन श्याम से यूं लगाया करें हम बिन्दु जी भजन
- लगन उनसे अपनी लगाए हुए हैं बिन्दु जी भजन
- रे मुसाफिर जग जंजाल के बीच भटक रहा है बिन्दु जी भजन
- रे मन! ये दो दिन का मेला रहेगा बिन्दु जी भजन
- रे मन! द्रुति श्वांस पुकार रही जय राम हरे घनश्याम हरे बिन्दु जी भजन
- रे मन मूर्ख कब तक जग में जीवन व्यर्थ बिताएगा बिन्दु जी भजन
- रूठे हैं अगर श्याम तो उनको मनाए कौन? बिन्दु जी भजन
- अब आ जा रे मुरली वाले झलक दिखा जा बिन्दु जी भजन
- अफ़सोस मूढ़ मन तू मुद्दत से सो रहा है बिन्दु जी भजन
- अधमों के नाथ उबारना तुम्हें याद हो कि न याद हो बिन्दु जी भजन
- अड़ा हूँ आज इस दिल पै कि कुछ पा के हटूँ बिन्दु जी भजन
- अजब है यह दुनिया बाजार बिन्दु जी भजन
- अगर घनश्याम का दिल बिन्दु जी भजन
- अब हम मोहन से अनुरागे बिन्दु जी भजन