अख़्तर-उल-ईमान उर्दू के उन शायरों में हैं जिनकी नज़्में आम आदमी की ज़बान बोलती हैं — सादा लफ़्ज़, गहरा दर्द और सीधी बात। इस पेज पर उनकी नज़्मों की पूरी सूची दी गई है। नीचे किसी भी नज़्म के नाम पर क्लिक कीजिए और सीधे उस नज़्म तक पहुँच जाइए।
अख़्तर-उल-ईमान की नज़्में — सूची
- एक लड़का
- आख़िरी मुलाक़ात
- तब्दीली
- डासना स्टेशन का मुसाफ़िर
- यादें
- बाज़-आमद — एक मुन्ताज
- मस्जिद
- ज़िंदगी का वक़्फ़ा
- आमादगी
- एक एहसास
- आगही
- तन्हाई में
- बिंत-ए-लम्हात
- अपाहिज गाड़ी का आदमी
- अहद-ए-वफ़ा
- दिल्ली की गलियाँ — तीन मंज़र
- बुलावा
- काले सफ़ेद परों वाला परिंदा और मेरी एक शाम
- शीशा का आदमी
- बे-तअल्लुक़ी
- कल की बात
- उम्र-ए-गुरेज़ाँ के नाम
- गूँगी औरत
- कार-नामा
- मौत
- नया आहंग
- काविश
- तफ़ाउत
- राह-ए-फ़रार
- सुकून
- ए'तिमाद
- तर्ग़ीब और उस के ब'अद
- फ़ासला
- मुफ़ाहमत
- इत्तिफ़ाक़
- सिलसिले
- मताअ-ए-राएगाँ
Hinglish (Roman) में नज़्में
- Dasna station ka musafir
- Yaaden
- Baz-amad — ek muntaj
- Masjid
- Zindagi ka waqfa
- Be-chaargi
- Aamadgi
- Ek ehsas
- Aagahi
किसी नज़्म का पूरा मतन पढ़ने के लिए ऊपर की सूची से उसका नाम चुनिए। अख़्तर-उल-ईमान की नज़्मों को पढ़ते वक़्त याद रखिए — ये नज़्में पढ़ी नहीं जातीं, सुनी जाती हैं।