लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

तुरसीदास निरंजनी के सबद : Tursidas Niranjani Ke Sabad

2026-09-21 · Shabad / Sabad / सबद

तुरसीदास निरंजनी निरंजनी संप्रदाय के प्रमुख संत-कवि, साधक और विचारक थे। वे ज्ञान, भक्ति और योग के साथ रहस्यवादी साधना के समर्थ कवि माने जाते हैं। उनकी वाणी में आत्मशुद्धि, गुरु-भक्ति, राम-नाम, विरह और प्रेम के साथ निर्गुण-सगुण ब्रह्म के विचार भी मिलते हैं। विद्वान पीतांबर दत्त बड़थ्वाल ने उन्हें निरंजनपंथ के दार्शनिक सिद्धांतों का प्रमुख प्रतिपादक माना है।

तुरसीदास निरंजनी के सबद और वाणी

इन रचनाओं को भी पढ़िए

शबदShabadतुरसीदास निरंजनी के सबदTursidas Niranjani Ke Sabadतुरसीदास निरंजनीTursidasNiranjaniSabad
← सभी रचनाएँ