सुदर्शन फ़ाकिर (1934–2008) उर्दू के शायर और गीतकार थे। उनका जन्म जालंधर में हुआ और कॉलेज के दिनों से ही वे रंगमंच तथा कविता से जुड़े रहे। उन्होंने आकाशवाणी जालंधर में भी काम किया और बाद में मुंबई जाकर फ़िल्मों के लिए गीत लिखे। उनकी ग़ज़लों और नज़्मों को बेगम अख़्तर और जगजीत सिंह जैसे कलाकारों ने आवाज़ दी। ‘वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी’, ‘शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया’ और ‘ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो’ उनकी चर्चित रचनाओं में शामिल हैं।
सुदर्शन फ़ाकिर की प्रसिद्ध ग़ज़लें एवं नज़्में (Popular Poetry of Sudarshan Fakir)
- इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- ishq mein ghairat-e-jazbaat ne rone na diya Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- kuchh to duniya ki inayat ne dil toD diya Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- samne hai jo use log bura kahte hain Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- दिल के दीवार-ओ-दर पे क्या देखा सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- dil ke diwar-o-dar pe kya dekha Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- agar hum kahen aur wo muskura den Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- मेरे दुख की कोई दवा न करो सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- mere dukh ki koi dawa na karo Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- अहल-ए-उल्फ़त के हवालों पे हँसी आती है सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- ahl-e-ulfat ke hawalon pe hansi aati hai Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- kisi ranjish ko hawa do ki main zinda hun abhi Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- पत्थर के ख़ुदा पत्थर के सनम पत्थर के ही इंसाँ पाए हैं सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- patthar ke KHuda patthar ke sanam patthar ke hi insan pae hain Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- शायद मैं ज़िंदगी की सहर ले के आ गया सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- shayad main zindagi ki sahar le ke aa gaya Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- फ़लसफ़े इश्क़ में पेश आए सवालों की तरह सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- falsafe ishq mein pesh aae sawalon ki tarah Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- ज़िंदगी तुझ को जिया है कोई अफ़्सोस नहीं सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- zindagi tujhko jiya hai koi afsos nahin Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- उल्फ़त का जब किसी ने लिया नाम रो पड़े सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- ulfat ka jab kisi ne liya nam ro paDe Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- मिरी ज़बाँ से मिरी दास्ताँ सुनो तो सही सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- meri zaban se meri dastan suno to sahi Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- दुनिया से वफ़ा कर के सिला ढूँढ रहे हैं सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- duniya se wafa kar ke sila DhunDh rahe hain Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- तुम न घबराओ मिरे ज़ख़्म-ए-जिगर को देख कर सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- tum na ghabrao mere zaKHm-e-jigar ko dekh kar Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
- चराग़-ओ-आफ़ताब गुम बड़ी हसीन रात थी सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें
- charagh-o-aftab gum baDi hasin raat thi Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals
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