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सुदर्शन फ़ाकिर की ग़ज़लें: Sudarshan Faakir Ghazal in Hindi

2024-12-10 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

सुदर्शन फ़ाकिर (1934–2008) उर्दू के शायर और गीतकार थे। उनका जन्म जालंधर में हुआ और कॉलेज के दिनों से ही वे रंगमंच तथा कविता से जुड़े रहे। उन्होंने आकाशवाणी जालंधर में भी काम किया और बाद में मुंबई जाकर फ़िल्मों के लिए गीत लिखे। उनकी ग़ज़लों और नज़्मों को बेगम अख़्तर और जगजीत सिंह जैसे कलाकारों ने आवाज़ दी। ‘वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी’, ‘शायद मैं ज़िंदगी की सहर लेके आ गया’ और ‘ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो’ उनकी चर्चित रचनाओं में शामिल हैं।

सुदर्शन फ़ाकिर की प्रसिद्ध ग़ज़लें एवं नज़्में (Popular Poetry of Sudarshan Fakir)

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यहाँ सुदर्शन फ़ाकिर की ग़ज़लें हैं — ‘इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें’, ‘ishq mein ghairat-e-jazbaat ne rone na diya Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals’, ‘कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया सुदर्शन फ़ाकिर ग़ज़ल / ग़ज़लें’, ‘kuchh to duniya ki inayat ne dil toD diya Sudarshan Faakir Ghazal / Ghazals’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

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