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राहत इंदौरी की ग़ज़लें: Rahat Indori Ghazal in Hindi

2026-09-09 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

राहत इंदौरी (Rahat Indori) (1950–2020) आधुनिक उर्दू शायरी के शीर्ष हस्ताक्षर, प्रख्यात कवि और बॉलीवुड गीतकार थे। उनका मूल नाम राहतुल्लाह था और उनका जन्म इंदौर (मध्य प्रदेश) में हुआ। अपने बेबाक अंदाज़ और क्रांतिकारी लहज़े के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. राहत इंदौरी की मशहूर ग़ज़लों, अश'आर और शायरी का संपूर्ण संग्रह यहाँ क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत है।

राहत इंदौरी की प्रसिद्ध ग़ज़लों की सूची

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राहत इंदौरी कौन थे?

राहत इंदौरी (1950–2020) इंदौर के शायर थे, और शायरी के साथ चित्रकला भी करते थे। “बुलाती है मगर जाने का नहीं” उनका सबसे मशहूर शेर है, जिसे उन्होंने ख़ुद गाकर सुनाया था।

राहत इंदौरी की सबसे मशहूर ग़ज़ल कौन सी है?

“राहत इंदौरी की प्रसिद्ध ग़ज़लों की सूची” उनकी सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली ग़ज़ल है, जो इस पन्ने पर पूरी दी गई है।

राहत इंदौरी की और ग़ज़लें कहाँ पढ़ें?

ग़ज़ल शायरी संग्रह में 80 शायरों की ग़ज़लें एक जगह हैं।

इस पन्ने की ग़ज़लें

यहाँ राहत इंदौरी की ग़ज़लें हैं — ‘आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो’, ‘तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा कर के’, ‘रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है’, ‘हाथ ख़ाली हैं तिरे शहर से जाते जाते’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

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