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संत दरिया (मारवाड़ वाले) के सबद : Sant Dariya (Marwar Wale) Ji Ke Sabad

2026-09-22 · Shabad / Sabad / सबद

परिचय

संत दरिया (1676–1758) राजस्थान के मारवाड़ अंचल की निर्गुण संत-परंपरा के अत्यंत प्रतिष्ठित और तेजस्वी संत-कवि थे। उनका मुख्य साधना-केंद्र मेड़ता (रेण) क्षेत्र रहा, जहाँ उन्होंने प्रेम, वैराग्य और आत्म-साधना का दिव्य संदेश दिया। उनकी वाणी में कबीर जैसी निर्गुण दार्शनिकता के साथ दादू दयाल जैसी असीम करुणा, विरह और अनन्य प्रेम का अद्भुत समन्वय मिलता है। सरल और मर्मस्पर्शी मारवाड़ी-मिश्रित सधुक्कड़ी भाषा में रचित उनके सबद राम-सुमिरन, गुरु-कृपा और सांसारिक माया से मुक्ति की प्रेरणा देते हैं।

संत दरिया (मारवाड़ वाले) के सबद व पद

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