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नासिर काज़मी की ग़ज़लें: Nasir Kazmi Ghazal in Hindi

2024-12-08 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

नासिर काज़मी (1925–1972) का पूरा नाम सैयद नासिर रज़ा काज़मी था। उनका जन्म अंबाला में हुआ और विभाजन के बाद वे लाहौर चले गए। वे उर्दू के उन शायरों में शामिल हैं जिन्होंने आधुनिक दौर में ग़ज़ल को नया स्वर दिया। उनकी शायरी में छोटे बहर के अशआर, प्रकृति, स्मृतियों, प्रेम और तन्हाई के अनुभव सहज भाषा में दिखाई देते हैं।

नासिर काज़मी ने ‘बर्ग-ए-नय’, ‘दीवान’, ‘पहली बारिश’ और ‘निशात-ए-ख़्वाब’ जैसी कृतियाँ छोड़ीं। वे रेडियो पाकिस्तान, लाहौर से भी लंबे समय तक जुड़े रहे और उर्दू साहित्य पर गद्य तथा रेडियो लेखन भी किया। 2 मार्च 1972 को लाहौर में उनका निधन हुआ।

नासिर काज़मी की लोकप्रिय ग़ज़लें (Selected Ghazals of Nasir Kazmi)

इस पन्ने की ग़ज़लें

यहाँ नासिर काज़मी की ग़ज़लें हैं — ‘दिल धड़कने का सबब याद आया’, ‘Dil dhaDakne ka sabab yaad aaya’, ‘निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं’, ‘Niyyat-e-shauq bhar na jae kahin’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

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