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महापात्र नरहरि बंदीजन के दोहे | Niti Bhakti Dohe Hindi

2024-12-03 · दोहा / Dohe

कल्पना कीजिए एक ऐसे कवि की जो राजदरबार में रहकर भी चापलूसी नहीं करता था। महापात्र नरहरि बंदीजन ऐसे ही निर्भीक और स्पष्टवादी कवि थे। वे सिर्फ तारीफों के पुल नहीं बांधते थे, बल्कि राजा को भी आईना दिखाने का साहस रखते थे। उनके दोहे, कुंडलियाँ और छप्पय आज भी हमें सच्ची नीति और जीवन का सार सिखाते हैं। नीचे उनकी प्रमुख रचनाओं की सूची दी गई है, क्लिक करके पूरा पाठ पढ़ें:

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