अंसार क़म्बरी (Ansar Kambari / Ansar Qumbari) समकालीन हिंदी और उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित कवि, शायर और दोहाकार हैं। वे अपनी सहज भाषा, लोक-संवेदना और मंचीय प्रस्तुति के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाओं में ग़ज़लों की नज़ाकत के साथ-साथ कबीर और तुलसी की परंपरा से जुड़े मार्मिक दोहों और सामाजिक सरोकारों की गहरी झलक मिलती है। 'अंतस का संगीत' और 'कह देना...' उनके प्रमुख संग्रहों में शामिल हैं। इस संग्रह में उनके प्रसिद्ध कलजुगी दोहे और चुनिंदा ग़ज़लें प्रस्तुत हैं।
अंसार कम्बरी के दोहे एवं प्रसिद्ध ग़ज़लें (Ansar Kambari Dohe & Ghazals)
इस पन्ने की ग़ज़लें
यहाँ Ansar Kambari की ग़ज़लें हैं — ‘कलजुगी दोहे’, ‘ख़ुदा परस्त दुआ ढूँढ रहे हैं’, ‘मेरा उसका परिचय इतना’, ‘वो तपोवन हो के राजा का महल’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।
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