विभिन्न संतों, भक्तों, कवियों एवं रचनाकारों के दोहे | Doha Sangrah in Hindi – कबीर, रहीम, तुलसी, बिहारी, सूरदास, गुरु नानक, दादू दयाल, मीरा, रसखान सहित सभी प्रमुख रचनाकारों के दोहे एक जगह। पढ़ें अर्थ सहित प्रसिद्ध दोहे।
🌟 प्रमुख कवियों के दोहे | Popular Dohe
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- बिहारी के दोहे | Bihari Ke Dohe
- सूरदास के दोहे | Surdas Ke Dohe
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🙏 संत कवियों के दोहे | Sant Poets Dohe
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- संत पीपा के दोहे (झालावाड़, राजस्थान)
- संत बाबालाल के दोहे (भक्तिकालीन निर्गुण संत)
- संत शिवदयाल सिंह के दोहे
- संत शिवनारायण के दोहे (शिवनारायणी संप्रदाय)
- संत सालिगराम के दोहे (राधास्वामी सत्संग)
- सुंदरदास के दोहे (दादूदयाल के प्रमुख शिष्य)
- सैन भगत के दोहे (सैन समुदाय के आराध्य)
- सहजोबाई के दोहे (चरनदास की शिष्या)
- मलूकदास के दोहे (संत कवि)
- धन्ना भगत के दोहे (भक्तिकालीन निर्गुण संत)
📜 रीतिकालीन कवियों के दोहे | Ritikal Poets Dohe
- मतिराम के दोहे
- विक्रम के दोहे
- शिव सम्पति के दोहे
- रघुराजसिंह के दोहे
- मोहन के दोहे (सीतामऊ नरेश)
- जसवंत सिंह के दोहे
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🌸 रसिक संप्रदाय के कवियों के दोहे | Rasik Sampraday Dohe
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- रूपसरस के दोहे
- रामचरणदास के दोहे
- रामरसरंगमणि के दोहे
- प्रेमलता के दोहे
- युगलान्यशरण के दोहे
📖 अन्य प्रमुख कवियों के दोहे | Other Poets Dohe
- सत्यनारायण कविरत्न के दोहे (भारतेंदु युग के कवि)
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- सोमप्रभ सूरि के दोहे (जैनाचार्य)
- हेमचंद्र के दोहे (जैन कवि-वैयाकरण)
- वियोगी हरि के दोहे (ब्रज भाषा के कवि)
- ललितकिशोरी के दोहे (कुंदनलाल)
- लालनाथ के दोहे (जसनाथ संप्रदाय)
- रत्नावली के दोहे (भक्तिकाल की कवयित्री)
- रसनिधि के दोहे (पृथ्वीसिंह)
- रसलीन के दोहे (रीतिबद्ध कवि)
- रसिक अली के दोहे
- रामसहाय दास के दोहे ('राम सतसई' के रचयिता)
- राय देवीप्रसाद 'पूर्ण' के दोहे
- यारी साहब के दोहे (रीतिकालीन निर्गुण संत)
- मीतादास के दोहे (अलक्षित संत कवि)
- मुंज के दोहे (मालवा राज्य के संस्थापक)
- भक्त रूपकला के दोहे (रसिक भक्त कवि)
- भगवत रसिक के दोहे (हरिदासी संप्रदाय)
- बाल अली के दोहे (रीतिकालीन भक्त कवि)
- बुल्ला साहब के दोहे (संत यारी के शिष्य)
- बैरीसाल के दोहे (असनी, उत्तर प्रदेश)
- बुधजन के दोहे (रीतिकाल के जैनकवि)
- बखना के दोहे (संत दादूदयाल के शिष्य)
- फूलीबाई के दोहे (नागौर, राजस्थान)
- निपट निरंजन के दोहे
- नागरीदास के दोहे
- दीनदयाल गिरि के दोहे (रीतिकाल के नीतिकार)
- देवादास के दोहे (संत कवि)
- देवसेन के दोहे (जैन कवि)
- दुलारेलाल भार्गव के दोहे
- दरिया (बिहार वाले) के दोहे
- दयाराम के दोहे (सतसई परंपरा के नीति कवि)
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- दौलत कवि के दोहे
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- जीवन सिंह के दोहे
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- जमाल के दोहे
- गिरिधारन के दोहे
- गवरी बाई के दोहे
- गरीबदास के दोहे
- गुरु अमरदास के दोहे
- गुरु तेग़ बहादुर के दोहे
- कृपाराम के दोहे
- कृपानिवास के दोहे
- उदयराज जती के दोहे
- अंबिकादत्त व्यास के दोहे
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- कविराजा बाँकीदास के दोहे (डिंगल भाषा)
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQ
दोहे किसे कहते हैं? | Dohe Kise Kehte Hain?
दोहा हिंदी साहित्य की एक मात्रिक छंद विधा है जिसमें 24 मात्राएँ होती हैं। इसमें दो पंक्तियाँ होती हैं – पहली में 13 मात्राएँ और दूसरी में 11 मात्राएँ।
सबसे प्रसिद्ध दोहे किसके हैं? | Sabse Prasidh Dohe Kiske Hain?
कबीर, रहीम, तुलसी, बिहारी और सूरदास के दोहे सबसे प्रसिद्ध हैं।
दोहे कहाँ पढ़ें? | Dohe Kahan Padhein?
ऊपर दिए गए सभी लिंक पर क्लिक करके आप विभिन्न संतों, भक्तों और कवियों के दोहे हिंदी में पढ़ सकते हैं।
कबीर के दोहे कितने हैं? | Kabir Ke Dohe Kitne Hain?
कबीर दास के लगभग 1000 से अधिक दोहे प्रसिद्ध हैं।
📌 नोट: यह दोहे संग्रह नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। सभी दोहे हिंदी में उपलब्ध हैं। 🙏 कृपया इस पेज को शेयर करें।
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