गुरु नानक देव जी (1469 – 1539) सिख धर्म के संस्थापक थे। यहां जपुजी साहिब, बारह माहा, सलोक और शब्द की पूरी सूची दी गई है। किसी भी रचना पर क्लिक करके सीधा उसका पाठ हिंदी अर्थ सहित पढ़ें।
तुखारी बारह माहा
सलोक संग्रह - सभी सलोक सीधा पढ़ें
- 1. कुदरति करि कै वसिआ सोइ
- 2. गलीं असी चंगीआ आचारी बुरीआह
- 3. पहिलै पिआरि लगा थण दुधि
- 4. दस बालतणि बीस रवणि तीसा का सुंदरु कहावै
- 5. कूड़ु बोलि मुरदारु खाइ
- 6. जे रतु लगै कपड़ै जामा होइ पलीतु
- 7. जा हउ नाही ता किआ आखा
- 8. मिहर मसीति सिदकु मुसला
- 10. पंजि निवाजा वखत पंजि
- 11. मुसलमाणु कहावणु मुसकलु
- 12. नदीआ होवहि धेणवा
- 13. सो जीविआ जिसु मनि वसिआ सोइ
- 14. किआ खाधै किआ पैधै होइ
- 15. मछी तारू किआ करे
- 16. कैहा कंचनु तुटै सारु
- 17. कलि काती राजे कासाई
- 19. सचे तेरे खंड सचे ब्रहमंड
- 20. वडी वडिआई जा वडा नाउ
- 21. विसमादु नाद विसमादु वेद
- 22. कुदरति दिसै कुदरति सुणीऐ
- 23. भै विचि पवणु वहै सदवाउ
- 24. नानक निरभउ निरंकारु
- 25. घड़ीआ सभे गोपीआ
- 26. वाइनि चेले नचनि गुर
- 27. मुसलमाना सिफति सरीअति
- 28. मिटी मुसलमान की
- 29. हउ विचि आइआ हउ विचि गइआ
- 31. लख नेकीआ चंगिआईआ
- 32. पड़ि पड़ि गडी लदीअहि
- 33. लिखि लिखि पड़िआ
- 34. कूड़ु राजा कूड़ु परजा
- 35. सचु ता परु जाणीऐ
- 36. सचि कालु कूड़ु वरतिआ
- 37. लबु पापु दुइ राजा महता
- 38. वदी सु वजगि नानका
- 39. दुखु दारू सुखु रोगु भइआ
- 40. नानक मेरु सरीर का
- 41. सिमल रुखु सराइरा
- 42. पड़ि पुसतक संधिआ बादं
- 43. साम कहै सेत्मबरु सुआमी
- 44. दइआ कपाह संतोखु सूतु
- 45. लख चोरीआ लख जारीआ
- 46. तगु न इंद्री तगु न नारी
- 47. गऊ बिराहमण कउ करु लावहु
- 48. माणस खाणे करहि निवाज
- 49. जे मोहाका घरु मुहै
- 50. जिउ जोरू सिरनावणी
- 51. जे करि सूतकु मंनीऐ
- 52. पहिला सुचा आपि होइ
- 53. भंडि जमीऐ भंडि निमीऐ
- 54. नानक फिकै बोलिऐ
- 55. अंदरहु झूठे पैज बाहरि
- 56. आपे भांडे साजिअनु
- 57. हिंदू मूले भूले
- 58. सोरठि सदा सुहावणी
- 59. नावण चले तीरथी
- 60. सउ ओलाम्हे दिनै के
- 61. दीवा बलै अंधेरा जाइ
- 62. सती पापु करि सतु कमाहि
- 63. हिंदू कै घरि हिंदू आवै
- 64. ना सति दुखीआ ना सति सुखीआ
- 66. सो अउधूती जो धूपै आपु
- 67. सो उदासी जि पाले उदासु
- 68. सो पाखंडी जि काइआ पखाले
- 69. सो बैरागी जि उलटे ब्रहमु
- 70. किउ मरै मंदा किउ जीवै
- 71. नानकु आखै रे मना
- 72. सहंसर दान दे इंद्रु रोआइआ
- 73. सावणु राति अहाड़ु दिहु
- 74. भउ भुइ पवितु पाणी सतु
- 75. नानक इहु जीउ मछुली
- 76. वेलि पिंञाइआ कति वुणाइआ
- 77. सच की काती सचु सभु सारु
- 78. कमरि कटारा बंकुड़ा
- 79. सरवर हंस धुरे ही मेला
- 80. साहिबु मेरा उजला
- 81. विणु गाहक गुणु वेचीऐ
- 82. हुकमि रजाई साखती
- 83. सुणीऐ एकु वखाणीऐ
- 84. हउ मुआ मै मारिआ
- 85. हउ मै करी तां तू नाही
- 86. न भीजै रागी नादी बेदि
- 87. नव छिअ खट का करे बीचारु
- 88. जिनसि थापि जीआं कउ भेजै
- 89. जुड़ि जुड़ि विछुड़े
- 90. नानक तुलीअहि तोल
- 91. आखणि अउखा सुनणि अउखा
- 92. जूठि न रागीं जूठि न वेदीं
- 93. नानक चुलीआ सुचीआ
- 94. दुख विचि जमणु दुखि मरणु
- 95. नानक दुनीआ भसु रंगु
- 96. घरि नाराइणु सभा नालि
- 97. सभे सुरती जोग सभि
- 98. कलि होई कुते मुही
- 99. रंना होईआ बोधीआ
- 100. ध्रिगु तिना का जीविआ
- 101. गिआन विहूणा गावै गीत
- 102. मनहु जि अंधे कूप कहिआ
- 103. नानक सावणि जे वसै
- 104. लख मण सुइना लख मण रुपा
- 105. हरणां बाजां तै सिकदारां
- 106. पहिलां मासहु निमिआ
- 107. मासु मासु करि मूरखु झगड़े
- 108. जउ तउ प्रेम खेलण का चाउ
शब्द संग्रह - सभी शब्द सीधा पढ़ें
- 1. हुकमी होवनि आकार
- 2. भरीऐ हथु पैरु तनु देह
- 3. मुंदा संतोखु सरमु पतु झोली
- 4. गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने
- 5. मोती त मंदर ऊसरहि
- 6. कोटि कोटी मेरी आरजा
- 7. लेखै बोलणु बोलणा
- 8. लबु कुता कूड़ु चूहड़ा
- 9. अमलु गलोला कूड़ का
- 10. जालि मोहु घसि मसु करि
- 11. सभि रस मिठे मंनिऐ
- 12. कुंगू की कांइआ रतना की ललिता
- 13. गुणवंती गुण वीथरै
- 14. आवहु भैणे गलि मिलह
- 15. भली सरी जि उबरी
- 16. धातु मिलै फुनि धातु कउ
- 17. ध्रिगु जीवणु दोहागणी
- 18. सुंञी देह डरावणी
- 19. तनु जलि बलि माटी भइआ
- 20. नानक बेड़ी सच की
- 21. सुणि मन मित्र पिआरिआ
- 23. एहु मनो मूरखु लोभीआ
- 25. धनु जोबनु अरु फुलड़ा
- 26. अरबद नरबद धुंधूकारा
- 27. हम आदमी हां इक दमी
- 29. जैसी मै आवै खसम की बाणी
- 31. जिन सिरि सोहनि पटीआ
- 32. कहा सु खेल तबेला घोड़े
- 33. जोगु न खिंथा जोगु न डंडै
- 34. कत की माई बापु कत केरा
- 35. कोई आखै भूतना
- 36. माहा माह मुमारखी
- 37. मनु हाली किरसाणी करणी
- 38. मोहु कुट्मबु मोहु सभ कार
- 39. सुणि वडा आखै सभ कोई
- 40. उजलु कैहा चिलकणा
- 41. विदिआ वीचारी तां परउपकारी