अज़हर इनायती उर्दू के जाने-माने शायर हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, जिंदगी के अनुभव, रिश्तों की संवेदनशीलता और बदलते सामाजिक माहौल की झलक मिलती है। उनके अशआa
अज़हर इनायती उर्दू के जाने-माने शायर हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, जिंदगी के अनुभव, रिश्तों की संवेदनशीलता और बदलते सामाजिक माहौल की झलक मिलती है। उनके अशआर में सरल भाषा के साथ भावनाओं की गहराई दिखाई देती है। ग़ज़ल के पारंपरिक अंदाज़ को बरकरार रखते हुए उन्होंने अपने समय के अनुभवों को भी शायरी में जगह दी। इस पृष्ठ पर अज़हर इनायती की चुनिंदा ग़ज़लें और शायरी पढ़ी जा सकती हैं।
अज़हर इनायती की ग़ज़लें
- हम ने जो क़सीदों को अज़हर इनायती ग़ज़ल
- हर एक रात को महताब अज़हर इनायती ग़ज़ल
- इस बार उन से मिल के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- Ghazals of Azhar Inayati
- इस बुलंदी पे कहाँ थे पहले अज़हर इनायती ग़ज़ल
- इस हादसे को देख के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- जब तक सफ़ेद आँधी के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- कभी क़रीब कभी दूर हो के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- ख़त उस के अपने हाथ का अज़हर इनायती ग़ज़ल
- किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था अज़हर इनायती ग़ज़ल
- कुछ आरज़ी उजाले अज़हर इनायती ग़ज़ल
- क्या क्या नवाह-ए-चश्म की अज़हर इनायती ग़ज़ल
- मैं समंदर था मुझे चैन से अज़हर इनायती ग़ज़ल
- मयस्सर हो जो लम्हा देखने को अज़हर इनायती ग़ज़ल
- वो तड़प जाए इशारा कोई ऐसा देना अज़हर इनायती ग़ज़ल
अज़हर इनायती की ग़ज़लें
- हम ने जो क़सीदों को अज़हर इनायती ग़ज़ल
- हर एक रात को महताब अज़हर इनायती ग़ज़ल
- इस बार उन से मिल के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- Ghazals of Azhar Inayati
- इस बुलंदी पे कहाँ थे पहले अज़हर इनायती ग़ज़ल
- इस हादसे को देख के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- जब तक सफ़ेद आँधी के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- कभी क़रीब कभी दूर हो के अज़हर इनायती ग़ज़ल
- ख़त उस के अपने हाथ का अज़हर इनायती ग़ज़ल
- किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था अज़हर इनायती ग़ज़ल
- कुछ आरज़ी उजाले अज़हर इनायती ग़ज़ल
- क्या क्या नवाह-ए-चश्म की अज़हर इनायती ग़ज़ल
- मैं समंदर था मुझे चैन से अज़हर इनायती ग़ज़ल
- मयस्सर हो जो लम्हा देखने को अज़हर इनायती ग़ज़ल
- वो तड़प जाए इशारा कोई ऐसा देना अज़हर इनायती ग़ज़ल
इस पन्ने की ग़ज़लें
यहाँ अज़हर इनायती की ग़ज़लें हैं — ‘हम ने जो क़सीदों को अज़हर इनायती ग़ज़ल’, ‘हर एक रात को महताब अज़हर इनायती ग़ज़ल’, ‘इस बार उन से मिल के अज़हर इनायती ग़ज़ल’, ‘Ghazals of Azhar Inayati’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।