लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

फरहत एहसास की ग़ज़लें: Farhat Ehsas Ghazal in Hindi

2026-08-13 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

फ़रहत एहसास : परिचय
फ़रहत एहसास आधुनिक उर्दू शायरी के चर्चित नामों में शामिल हैं। उनका जन्म 1952 में उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर ज़िले में हुआ था। उनका वास्तविक नाम फ़रहत एहसास है और वे शायर होने के साथ-साथ लेखक और संपादक के रूप में भी साहित्यिक जगत में सक्रिय रहे हैं। उनकी शायरी में पारंपरिक ग़ज़ल की ज़मीन के साथ आधुनिक जीवन की बेचैनी, प्रेम, अकेलापन, रिश्तों की जटिलता और मनुष्य के भीतर चलने वाले द्वंद्व को जगह मिलती है। वे रोज़मर्रा की भाषा और अनुभवों से ऐसे बिंब और अर्थ निकालते हैं जिनमें निजी अनुभूति के साथ व्यापक मानवीय संवेदना भी दिखाई देती है।
फ़रहत एहसास की रचनात्मक पहचान केवल ग़ज़ल तक सीमित नहीं है। उन्होंने नज़्म और दूसरी साहित्यिक विधाओं में भी लिखा है। उनकी भाषा में प्रयोगशीलता दिखाई देती है और वे परंपरागत शायरी के मुहावरों को समकालीन अनुभवों के साथ जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रमुख काव्य-संग्रहों में नया ख़ाना, सुख़न में आना, अच्छी लड़की और दूसरी कविताएँ तथा रात की रानी जैसी कृतियाँ उल्लेखनीय हैं। साहित्यिक पत्रकारिता और संपादन के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा है और उन्होंने उर्दू साहित्य की कई महत्वपूर्ण रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाने का काम किया है।
फ़रहत एहसास की शायरी का आकर्षण उसकी सहजता और अर्थ की कई परतों में है। प्रेम और निजी अनुभवों से लेकर अकेलेपन तथा बदलती सामाजिक संवेदनाओं तक, उनकी रचनाएँ आधुनिक मनुष्य की जटिल अनुभूतियों को अपने विशिष्ट अंदाज़ में व्यक्त करती हैं।

Farhat Ehsas Popular Poetry & Ghazal Lyrics

इस पन्ने की ग़ज़लें

यहाँ फरहत एहसास की ग़ज़लें हैं — ‘तुम्हें उस से मोहब्बत है तो हिम्मत क्यूँ नहीं करते’, ‘हर गली कूचे में रोने की सदा मेरी है’, ‘ठोकरें खा के सँभलना नहीं आता है मुझे’, ‘अब दिल की तरफ़ दर्द की यलग़ार बहुत है’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

इन शायरों की ग़ज़लें भी पढ़िए

ग़ज़लGhazalशायरीShayariफरहत एहसास की ग़ज़लेंFarhat Ehsas Ghazal in Hindiफरहत एहसासFarhatEhsas
← सभी रचनाएँ