अज़ीज़ लखनवी उर्दू के प्रसिद्ध शायर थे। उनका संबंध लखनऊ की समृद्ध शायरी और अदबी परंपरा से था। उनकी ग़ज़लों में प्रेम, विरह, जिंदगी के अनुभव और मानवीय भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति मिलती है। उनके अशआर में नज़ाकत, सादगी और भावनात्मक गहराई दिखाई देती है। इस पृष्ठ पर अज़ीज़ लखनवी की चुनिंदा ग़ज़लें और शायरी पढ़ी जा सकती हैं।
अज़ीज़ लखनवी शेर और ग़ज़लें (Aziz Lakhnavi Sher Shayari Ghazal)
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यहाँ अज़ीज़ लखनवी की ग़ज़लें हैं — ‘शेर-1 / अज़ीज़ लखनवी Aziz Lakhnavi Sher Shayari’, ‘शेर-2 / अज़ीज़ लखनवी Aziz Lakhnavi Sher Shayari’, ‘शेर-3 / अज़ीज़ लखनवी Aziz Lakhnavi Sher Shayari’, ‘जल्वा दिखलाए जो वो अपनी ख़ुद-आराई का - मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी ग़ज़ल Aziz Lakhnavi Ghazal’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।