अशोक अंजुम (Ashok Anjum) समकालीन हिंदी और उर्दू अदब के लोकप्रिय कवि, गीतकार और मशहूर शायर हैं। मंचीय काव्य पाठ और मुशायरों में अपनी विशिष्ट शैली के लिए पहचाने जाने वाले अशोक अंजुम की रचनाओं में हास्य-व्यंग्य, सामाजिक सरोकार, प्रेम और आम ज़िंदगी के संघर्षों की सहज अभिव्यक्ति मिलती है। उनकी भाषा शैली अत्यंत सरल, चुटीली और पाठकों के दिलों को छूने वाली है। इस संग्रह में अशोक अंजुम की प्रमुख ग़ज़लें और चुनिंदा कलाम प्रस्तुत हैं।
अशोक अंजुम की प्रसिद्ध ग़ज़लें और रचनाएँ (Popular Ghazals of Ashok Anjum)
- खिड़कियों की साज़िशों से
- धमकियाँ हैं (भाग 1)
- धमकियाँ हैं (भाग 2)
- हर एक राज़ कह दिया बस एक जवाब ने
- प्रेम की, सचाई की, बोलियाँ ही गायब हैं
- आँसू
- तेरा हर लफ़्ज़ मेरी रूह को छूकर निकलता है
इस पन्ने की ग़ज़लें
यहाँ Ashok Anjum की ग़ज़लें हैं — ‘खिड़कियों की साज़िशों से’, ‘धमकियाँ हैं (भाग 1)’, ‘धमकियाँ हैं (भाग 2)’, ‘हर एक राज़ कह दिया बस एक जवाब ने’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।