अकबर हैदराबादी उर्दू के शायर थे। उनकी शायरी में इंसानी भावनाओं, प्रेम, जिंदगी के अनुभवों और सामाजिक परिस्थितियों की झलक मिलती है। उन्होंने ग़ज़ल और शायरी के पारंपरिक अंदाज़ में अपने विचारों और एहसास को शब्द दिए। उनके अशआर में सहज भाषा और भावपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। इस पृष्ठ पर अकबर हैदराबादी की चुनिंदा ग़ज़लें और शायरी पढ़ी जा सकती हैं।
अकबर हैदराबादी की लोकप्रिय शायरी व ग़ज़लें (Akbar Hyderabadi Popular Poetry)
- आँख में आँसू का
- बदन से रिश्ता-ए-जाँ
- प्रतिनिधि रचनाएँ (Ghazals of Akbar Hyderabadi)
- बस इक तसलसुल
- दिल दबा जाता है कितना
- दूर तक बस इक धुंदलका
- फ़ित्ने अजब तरह के
- घुटन अज़ाब-ए-बदन की
- हाँ यही शहर मेरे ख़्वाबों
- जब सुब्ह की दहलीज़ पे
- जिन पे अजल तारी थी
इस पन्ने की ग़ज़लें
यहाँ अकबर हैदराबादी की ग़ज़लें हैं — ‘आँख में आँसू का’, ‘बदन से रिश्ता-ए-जाँ’, ‘प्रतिनिधि रचनाएँ (Ghazals of Akbar Hyderabadi)’, ‘बस इक तसलसुल’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।