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अकबर इलाहाबादी की ग़ज़लें: Akbar Allahabadi Ghazal in Hindi

2025-08-07 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

अकबर इलाहाबादी (Akbar Allahabadi) (1846–1921) उर्दू अदब के विख्यात क्लासिकल शायर और व्यंग्यकार थे, जिनका मूल नाम सैयद अकबर हुसैन था। उनकी शायरी में हास्य और व्यंग्य (Satire) के साथ सामाजिक जीवन, बदलती हुई तहज़ीब और पश्चिमी प्रभाव पर तीखी व सटीक टिप्पणियाँ देखने को मिलती हैं। उन्होंने रोज़मर्रा की सहज भाषा में अपने दौर की सामाजिक विसंगतियों को बेबाकी से उजागर किया। अकबर इलाहाबादी की कालजयी ग़ज़लों, लोकप्रिय नज़्मों और अश'आर का संपूर्ण संग्रह यहाँ प्रस्तुत है।

अकबर इलाहाबादी की प्रसिद्ध ग़ज़लें (Akbar Allahabadi Best Ghazals)

इस पन्ने की ग़ज़लें

यहाँ अकबर इलाहाबादी की ग़ज़लें हैं — ‘हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है (अकबर इलाहाबादी)’, ‘दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ (अकबर इलाहाबादी)’, ‘ग़म्ज़ा नहीं होता कि इशारा नहीं होता (अकबर इलाहाबादी)’, ‘आह जो दिल से निकाली जाएगी (अकबर इलाहाबादी)’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

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