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आलोक श्रीवास्तव की ग़ज़लें: Aalok Shrivastava Ghazal in Hindi

2026-07-26 · ग़ज़ल / Ghazal / शायरी / Shayari

आलोक श्रीवास्तव : परिचय
आलोक श्रीवास्तव समकालीन हिंदी साहित्य के चर्चित कवि और ग़ज़लकार हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के भोपाल में हुआ। कविता और ग़ज़ल के साथ-साथ वे लेखन, पत्रकारिता और साहित्यिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। उनकी रचनाओं में आधुनिक जीवन के अनुभवों को सहज और बोलचाल की भाषा में अभिव्यक्त करने की विशेषता दिखाई देती है।
उनका प्रमुख ग़ज़ल-संग्रह आमीन है, जिसे हिंदी ग़ज़ल के पाठकों के बीच विशेष पहचान मिली। उनकी कई ग़ज़लें और कविताएँ साहित्यिक मंचों तथा काव्य-पाठों में भी प्रस्तुत की जाती रही हैं। उनकी रचनाओं का पाठ और मंचीय प्रस्तुति से जुड़ाव उनकी लोकप्रियता का एक महत्वपूर्ण पक्ष है।

Aalok Shrivastav Poetry & Ghazal Lyrics

इस पन्ने की ग़ज़लें

यहाँ आलोक श्रीवास्तव की ग़ज़लें हैं — ‘ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं’, ‘ye sochna ghalat hai ki tum par nazar nahin’, ‘घर की बुनियादें दीवारें बाम-ओ-दर थे बाबू जी’, ‘ghar ki buniyaaden diwaren baam-o-dar the babu ji’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।

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