कवि यश मालवीय का परिचय
समकालीन हिंदी नवगीत और जनवादी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर यश मालवीय का जन्म 11 मई 1962 को प्रयागराज (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश में हुआ। वे हिंदी के मूर्धन्य गीतकार प्रकाश गुप्त के सुपुत्र हैं और अपनी रचनाओं में आम आदमी के सुख-दुख, पारिवारिक रिश्तों की संवेदना तथा तीखे राजनीतिक-सामाजिक सरोकारों को अत्यंत सहज और मार्मिक ढंग से पिरोने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्रमुख काव्य कृतियों में 'नींद थी और रात थी', 'मुद्दों की मूसलधार में', 'पसीने की लिपि', 'उम्मीद का चेहरा' और 'गर कोई पूछे' विशेष रूप से चर्चित हैं। हिंदी गीत-परंपरा को नया तेवर और सामाजिक यथार्थ देने के लिए उन्हें 'भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान', 'निराला सम्मान' तथा 'सोहनलाल द्विवेदी पुरस्कार' सहित कई प्रतिष्ठित अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है।
यश मालवीय की प्रसिद्ध कविताएँ
- दिल्ली पूरा देश नहीं / यश मालवीय
- टेलीप्रॉमटर चला नहीं करता है नारों से / यश मालवीय
- है वही विस्मय / यश मालवीय
- अम्मा धनिया काट रही है / यश मालवीय
- आश्वासन, भूखे को न्यौते / यश मालवीय
- दिल्ली ही है नहीं देश का चेहरा / यश मालवीय
- जीवन भर ख़तरों से खेले, अब मरने का डर / यश मालवीय
- केवल सजा मुरैठा है / यश मालवीय
- कोई इक पेड़ तट का... / यश मालवीय
- गीत भी अब मन नहीं बहला रहे हैं / यश मालवीय
- दही जमाने को, थोड़ा-सा जामन देना / यश मालवीय
- जहाँ विलेन ही ख़ुद नायक हो / यश मालवीय
- माँ का अप्रासंगिक होना / यश मालवीय
- बोल उठी माधवीलता / यश मालवीय
- एक दिन ये नदी बोली / यश मालवीय
- गाड़ी निकल गई / यश मालवीय
- ...चिट्ठी मगर उदासी की / यश मालवीय
- पूरी रात न सोए पापा / यश मालवीय