नरेश मेहता (1922–2000) हिंदी के प्रमुख कवि, लेखक और नई कविता के महत्वपूर्ण रचनाकारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के शाजापुर में हुआ था। वे प्रयोगवाद और नई कविता से जुड़े रहे और उन्होंने कविता को नए विषयों, विचारों और भाषा के साथ आगे बढ़ाया। उनकी रचनाओं में प्रकृति, प्रेम, मनुष्य के जीवन, संस्कृति और बदलते समय की अनुभूतियाँ दिखाई देती हैं। भारतीय परंपरा और आधुनिक जीवन को साथ रखकर देखने की उनकी अपनी दृष्टि थी। संशय की एक रात, उत्सवा, अरण्या और चैत्या उनकी प्रमुख कृतियों में शामिल हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नरेश मेहता की प्रसिद्ध कविताएं एवं काव्य संग्रह
- धूप की भाषा
- यायावर से
- भ्रम
- अरण्यानी से वापसी
- आश्वासन
- प्रतीति
- कातरता
- निवेदन
- पताका
- दैवीय-पुकार
- कौतूहल
- चंद्रोदय
- पीले फूल कनेर के
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
नरेश मेहता का जन्म कब और कहाँ हुआ?
नरेश मेहता का जन्म 1922 में मध्य प्रदेश के शाजापुर में हुआ था। वे हिंदी के प्रमुख कवि, लेखक और नई कविता के महत्वपूर्ण रचनाकार थे।
नरेश मेहता की प्रमुख कृतियाँ कौन-सी हैं?
‘संशय की एक रात’, ‘उत्सवा’, ‘अरण्या’ और ‘चैत्या’ नरेश मेहता की प्रमुख कृतियों में शामिल हैं।
नरेश मेहता को कौन-सा सम्मान मिला?
साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए नरेश मेहता को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नरेश मेहता किस काव्य-धारा से जुड़े थे?
नरेश मेहता प्रयोगवाद और नई कविता से जुड़े रहे; उन्होंने कविता को नए विषयों, विचारों और भाषा के साथ आगे बढ़ाया।
नरेश मेहता की प्रसिद्ध कविताएँ कौन-सी हैं?
‘धूप की भाषा’, ‘पीले फूल कनेर के’, ‘चंद्रोदय’, ‘प्रतीति’ और ‘अरण्यानी से वापसी’ नरेश मेहता की चर्चित कविताओं में शामिल हैं।