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विनोद कुमार शुक्ल की कविताएँ | Vinod Kumar Shukla Kavita

2024-12-18 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

विनोद कुमार शुक्ल का परिचय

समकालीन हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव (वर्तमान छत्तीसगढ़) में हुआ। वे अपनी विशिष्ट, जादुई यथार्थ से परिपूर्ण शैली और दैनिक जीवन की सूक्ष्म संवेदनाओं को सहजता से उकेरने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्रमुख काव्य कृतियों में 'सब कुछ होना बचा रहेगा', 'लगभग जयहिंद', 'वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह' तथा उपन्यासों में 'नौकर की कमीज़' और 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' मील का पत्थर मानी जाती हैं। साहित्य में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1999 में साहित्य अकादेमी पुरस्कार, शिखर सम्मान तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पेन/नाबोकोव अवार्ड (PEN/Nabokov Award) से सम्मानित किया जा चुका है।

विनोद कुमार शुक्ल की प्रसिद्ध कविताएँ

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