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श्रीकृष्ण सरल की कविताएँ | Shri Krishna Saral Kavita

2025-08-14 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

श्रीकृष्ण 'सरल' का परिचय

राष्ट्रवादी चेतना, ओज और क्रांति-साहित्य के मूर्धन्य कवि श्रीकृष्ण 'सरल' का जन्म 1 जनवरी 1919 को अशोकनगर (गुना), मध्य प्रदेश में हुआ था तथा 2 सितंबर 2000 को उज्जैन में उनका देहावसान हुआ। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन अमर स्वाधीनता सेनानियों के त्याग और बलिदान को शब्दों में पिरोने के लिए समर्पित कर दिया, जिसके कारण उन्हें 'क्रांतिकारियों का चारण' कहा गया। उनकी अमर कृतियों में 'मैं अमर शहीदों का चारण', 'क्रांति गंगा' तथा अमर सेनानियों पर केंद्रित 'चंद्रशेखर आज़ाद' एवं 'भगत सिंह' जैसे विशद महाकाव्य शामिल हैं। राष्ट्रीय भावना के अप्रतिम प्रसार के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों के साथ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 'तुलसी सम्मान' तथा उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा विशेष पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।

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