परिचय
संत तुकाराम (1598–1650) महाराष्ट्र के महान वारकरी संत, समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख कवि थे। उनके लिखे भक्ति पद और ‘अभंग’ जनमानस में ईश्वर-प्रेम, करुणा और समानता का अलख जगाते हैं। उन्होंने पाखंड, सामाजिक कुरीतियों और छुआछूत का विरोध करते हुए विट्ठल (श्रीकृष्ण) भक्ति को लोकभाषा में घर-घर तक पहुँचाया। संत तुकाराम के अभंग और नीति-वचन आज भी भारतीय आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत के अनमोल रत्न हैं।
संत तुकाराम के प्रमुख पद व दोहे
- संत तुकाराम के पद
- मैं भूली घर जानी बाट / संत तुकाराम
- अल्ला करे सो होय बाबा / संत तुकाराम
- नज़र करे सोहि जिंके बाबा / संत तुकाराम
- सँभाल यारा ऊपर तले / संत तुकाराम
- तन भंज्याय ते बुरा / संत तुकाराम
- संत तुकाराम के दोहे