रमानाथ अवस्थी का परिचय
उत्तर-छायावादी दौर और आधुनिक हिंदी नवगीत परंपरा के अत्यंत संवेदनशील एवं लब्धप्रतिष्ठ गीतकार रमानाथ अवस्थी का जन्म 8 नवंबर 1924 को फतेहपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था तथा 18 मई 2002 को उनका देहावसान हुआ। उन्होंने अपने गीतों में लोक-लय, आंतरिक विरह, मानवीय रिश्तों की कोमलता और आधुनिक जीवन के अकेलेपन को अत्यंत सादगी और माधुर्य के साथ ढाला। उनकी प्रमुख एवं चर्चित काव्य कृतियों में 'आग और राग', 'सुमन सौरभ', 'रात और शहनाई' तथा 'गीतों का बादल' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। आकाशवाणी से लंबे समय तक जुड़े रहकर गीत-काव्य को जन-जन तक पहुँचाने वाले अवस्थी जी को हिंदी साहित्य में उनके अप्रतिम योगदान के लिए अनेक साहित्यिक संस्थाओं एवं राजकीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
रमानाथ अवस्थी के प्रसिद्ध गीत और कविताएँ
- मन के पास रहो / रमानाथ अवस्थी
- सो न सका / रमानाथ अवस्थी
- धूप है ज़्यादा कम है छाया / रमानाथ अवस्थी
- जो न समझ सका / रमानाथ अवस्थी
- यदि दर्द न होता / रमानाथ अवस्थी
- मुझको ज्ञात नहीं / रमानाथ अवस्थी
- देवता तो हूँ नहीं / रमानाथ अवस्थी
- उदासीन तरुणी के प्रति / रमानाथ अवस्थी
- भीड़ का अकेलापन / रमानाथ अवस्थी
- गीतों का बादल / रमानाथ अवस्थी