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मुना मदन खण्डकाव्य - लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा | Muna Madan

2025-07-25 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

महाकवि लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा का परिचय

नेपाली साहित्य के युगप्रवर्तक एवं 'महाकवि' की उपाधि से विभूषित लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा का जन्म 12 नवंबर 1909 को धोबीधारा (काठमांडू), नेपाल में हुआ था तथा 14 सितंबर 1959 को उनका निधन हुआ। वे स्वच्छंदतावादी काव्यधारा के शिखर पुरुष थे, जिन्होंने पारंपरिक शास्त्रीय बंधनों से मुक्त होकर लोकछंदों (विशेषकर झ्याउरे छंद) को उच्च साहित्यिक प्रतिष्ठा दिलाई। उनकी अमर और सर्वाधिक लोकप्रिय कृतियों में कालजयी खण्डकाव्य 'मुना मदन' के अलावा 'शाकुन्तल' (महाकाव्य), 'सुलोचना', 'प्रमिथस' और 'भिखारी' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। मानवता, करुणा और सामाजिक समरसता के अमर गायक देवकोटा नेपाल सरकार के शिक्षा मंत्री भी रहे तथा उनका साहित्य समूचे दक्षिण एशियाई साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है।

मुना मदन खण्डकाव्य (नेपालीमा)

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