परिचय / Biography
महादेवी वर्मा (1907–1987) हिंदी साहित्य की मूर्धन्य कवयित्री, लेखिका और छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। उन्हें 'आधुनिक मीरा' के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कविताओं में विरह, वेदना, करुणा और रहस्यवाद की अद्भुत अनुभूति देखने को मिलती है। अपनी काव्य रचना 'यामा' के लिए वे ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हुईं। महादेवी जी ने खड़ी बोली हिंदी में गीति-काव्य को नया आयाम दिया और अपने भावपूर्ण रेखाचित्रों व संस्मरणों से गद्य साहित्य को भी समृद्ध किया।
रचनाएं : कविताएं / Mahadevi Verma Kavita
- बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- जाग तुझको दूर जाना महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- पथ देख बिता दी रैन महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- जीवन विरह का जलजात महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- मैं बनी मधुमास आली! महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- बताता जा रे अभिमानी! महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- अलि! मैं कण-कण को जान चली महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- जब यह दीप थके महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- पूछता क्यों शेष कितनी रात? महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- यह मंदिर का दीप महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- जो तुम आ जाते एक बार महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- कौन तुम मेरे हृदय में महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- मिटने का अधिकार महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- जाने किस जीवन की सुधि ले महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- नीर भरी दुख की बदली महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- तेरी सुधि बिन क्षण क्षण सूना महादेवी वर्मा की कविता /रचना
- तुम मुझमें प्रिय, फिर परिचय क्या! महादेवी वर्मा की कविता /रचना