परिचय
कवि प्रदीप (1915–1998, मूल नाम रामचंद्र नारायणजी द्विवेदी) भारत के महान राष्ट्रीय कवि और अमर गीतकार थे, जिनका जन्म बड़नगर (मध्य प्रदेश) में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और आज़ादी के बाद अपने ओजस्वी गीतों से पूरे देश में देशभक्ति, मानवीय संवेदना और राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’, ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की’ और ‘चल अकेला चल’ जैसे उनके लिखे गीत भारतीय संगीत और साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। सिनेमा और संगीत में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें 1997-98 में प्रतिष्ठित ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
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कवि प्रदीप के गीत | Kavi Pradeep Songs Lyrics in Hindi
- Suraj Re Jalte Rehna Lyrics – सूरज रे जलते रहना
- Bharat Ke Liye Vardan Hai Ganga Lyrics – भारत के लिए वरदान है गंगा
- Ek Karz Mangta Hoon Bachpan Lyrics – एक क़र्ज़ मांगता हूँ बचपन
- Main Ek Nanha Sa Bachcha Hoon Lyrics – मैं एक नन्हा सा बच्चा हूँ
- Are O Roshni Walo Lyrics – अरे ओ रौशनी वालो
- Hum To Albela Mazdoor Lyrics – हम तो अलबेले मज़दूर
- Mere Mann Hanste Hue Chal Lyrics – मेरे मन हँसते हुए चल
- Amrit Aur Zehar Sagar Mein Lyrics – अमृत और ज़हर सागर में
- Humne Jag Ki Tasveer Dekhi Lyrics – हमने जग की अजब तस्वीर देखी
- Dekh Tere Sansar Ki Haalat Lyrics – देख तेरे संसार की हालत
- Ga Rahi Hai Zindagi Lyrics – गा रही है ज़िंदगी
- Sukh Dukh Dono Rehte Lyrics – सुख दुःख दोनों रहते जिसमें
- Pinjre Ke Panchhi Re Lyrics – पिंजरे के पंछी रे
- Suno Desh Ke Hindu Musalman Lyrics – सुनो देशके हिन्दू मुस्लमान
- Janmabhoomi Maa Lyrics – जन्मभूमि माँ
- Bigul Baj Raha Azadi Ka Lyrics – बिगुल बज रहा आज़ादी का
- Chalo Chalein Maa Lyrics – चलो चलें माँ
- Chal Chal Re Naujawan Lyrics – चल चल रे नौजवान
- Aao Bachchon Tumhe Dikhaye Jhaanki Lyrics – आओ बच्चो तुम्हें दिखाएं झाँकी
- Chal Akela Chal Lyrics – चल अकेला चल अकेला
- Aaj Himalaya Ki Choti Se Lyrics – आज हिमालय की चोटी से
- Hum Laye Hain Toofan Se Kishti Lyrics – हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती
- Ae Mere Watan Ke Logon Lyrics – ऐ मेरे वतन के लोगों