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काका हाथरसी की कविताएँ | हास्य व्यंग : Kaka Hathrasi Hasya Kavita

2025-08-14 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

काका हाथरसी का परिचय

हिंदी हास्य और व्यंग्य कविता के युगप्रवर्तक हस्ताक्षर काका हाथरसी (मूल नाम: प्रभुनाथ गर्ग) का जन्म 18 सितंबर 1906 को हाथरस, उत्तर प्रदेश में हुआ था तथा 18 सितंबर 1995 को उनका निधन हुआ। उन्होंने अपनी सरल, चुटीली और लोकबोली से युक्त शैली के जरिए सामाजिक विद्रूपताओं, कुरीतियों और राजनीतिक पाखंड पर करारा प्रहार किया। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘काका की फुलझड़ियाँ’, ‘काका तरंग’, ‘काका दोहावली’, ‘खिलखिलाहट’ और ‘यार सप्तक’ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। हिंदी साहित्य और हास्य मंचों को नई गरिमा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 1985 में पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया था।

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