गोपाल दास नीरज (Gopal Das Neeraj) (4 जनवरी 1924 - 19 जुलाई 2018) हिंदी साहित्य के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित कवियों में से एक हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली गाँव में जन्मे नीरज जी ने अपनी रचनाओं से हिंदी कविता और बॉलीवुड के सदाबहार फिल्मी गीतों को एक नई ऊंचाई दी। उनकी प्रमुख काव्य पुस्तकों में दर्द दिया है, बादलों से सलाम लेता हूँ, कारवां गुजर गया, काव्यांजलि, और प्राण-गीत शामिल हैं। प्रेम, विरह, और जीवन दर्शन से ओत-प्रोत गोपालदास नीरज की कविताएँ, ग़ज़लें और गीत आज भी पाठकों और श्रोताओं के दिलों पर गहरा असर छोड़ते हैं। इस पृष्ठ पर आप नीरज जी की प्रमुख ग़ज़लों, कविताओं, मुक्तक और उनके मशहूर फिल्मी गीतों (Gopal Das Neeraj Poems & Lyrics in Hindi) का विस्तृत संग्रह पढ़ सकते हैं।
गोपालदास नीरज की ग़ज़लें (Gopal Das Neeraj Ghazals)
- तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा / गोपालदास "नीरज"
- हम तेरी चाह में, ऐ यार ! वहाँ तक पहुँचे / गोपालदास "नीरज"
- अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए / गोपालदास "नीरज"
- दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था / गोपालदास "नीरज"
- पीछे / गोपालदास "नीरज"
- है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिये / गोपालदास "नीरज"
- अब के सावन में शरारत / गोपालदास "नीरज"
- प्रथम प्यार के चुम्बन की तरह / गोपालदास "नीरज"
- जितना कम सामान रहेगा / गोपालदास "नीरज"
- हम तुम्हें मरने न देंगे / गोपालदास "नीरज"
- एक जुग ब'अद शब-ए-ग़म की सहर देखी है / गोपालदास "नीरज"
- गगन बजाने लगा जल-तरंग फिर यारो / गोपालदास "नीरज"
- जब भी इस शहर में कमरे से मैं बाहर निकला / गोपालदास "नीरज"
- ख़ुशबू सी आ रही है इधर ज़ाफ़रान की / गोपालदास "नीरज"
- बदन पे जिस के शराफ़त का पैरहन देखा / गोपालदास "नीरज"
- जब चले जाएँगे हम लौट के सावन की तरह / गोपालदास "नीरज"
गोपालदास नीरज गीत और कविताएँ (Geet & Poems)
- हम तो मस्त फकीर, हमारा कोई नहीं ठिकाना रे / नीरज
- धनिकों के तो धन हैं लाखों / गोपालदास "नीरज"
- मेरा नाम लिया जाएगा / गोपालदास "नीरज"
- अंधियार ढल कर ही रहेगा / गोपालदास "नीरज"
- छिप-छिप अश्रु बहाने वालों / गोपालदास "नीरज"
- अब तुम्हारा प्यार भी / गोपालदास "नीरज"
- तन की हवस / गोपालदास "नीरज"
- नारी / गोपालदास "नीरज"
- प्रेम का न दान दो / गोपालदास "नीरज"
- तुम ही नहीं मिले जीवन में / गोपालदास "नीरज"
- मैं तुम्हें अपना / गोपालदास "नीरज"
- बन्द करो मधु की / गोपालदास "नीरज"
गोपालदास नीरज मुक्तक (Muktak Shayari)
गोपालदास नीरज के मशहूर फिल्मी गीत (Bollywood Lyrics)
- शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब / गोपालदास "नीरज"
- वो हम न थे, वो तुम न थे / गोपालदास "नीरज"
- स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से / गोपालदास "नीरज"
- आज मदहोश हुआ जाए रे / गोपालदास "नीरज"
- दिल आज शायर है / गोपालदास "नीरज"
- ऐ भाई! जरा देख के चलो / गोपालदास "नीरज"
- खिलते हैं गुल यहाँ / गोपालदास "नीरज"
- मेघा छाए आधी रात / गोपालदास "नीरज"
- जीवन की बगिया महकेगी / गोपालदास "नीरज"
- लिखे जो खत तुझे / गोपालदास "नीरज"
- फ़ूलों के रंग से / गोपालदास "नीरज"
गोपालदास नीरज बाल-कविता (Poem for Kids)
इस पन्ने की ग़ज़लें
यहाँ गोपालदास नीरज की ग़ज़लें हैं — ‘तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा / गोपालदास "नीरज"’, ‘हम तेरी चाह में, ऐ यार ! वहाँ तक पहुँचे / गोपालदास "नीरज"’, ‘अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए / गोपालदास "नीरज"’, ‘दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था / गोपालदास "नीरज"’ जैसी ग़ज़लें, हर एक का लिंक ऊपर दिया है।