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Gopal Sharan Singh Geet Kavita : गोपालशरण सिंह के गीत और कविताएँ

2026-05-05 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

परिचय

ठाकुर गोपालशरण सिंह (1891–1960) द्विवेदी युग के मूर्धन्य राष्ट्रीय कवि और खड़ी बोली व ब्रजभाषा के सिद्धहस्त रचनाकार थे, जिनका संबंध रीवा (मध्य प्रदेश) से था। उनकी कविताओं में भारतीय संस्कृति, नारी-महिमा, राष्ट्रप्रेम और प्रकृति सौंदर्य का अत्यंत सजीव व मर्मस्पर्शी चित्रण मिलता है। 'मानवी', 'माधवी', 'संचिता', 'ज्योतिष्मती' और 'कादम्बिनी' उनके प्रमुख काव्य-संग्रहों में गिने जाते हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘कविरत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

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गोपालशरण सिंह के गीत कविता | Gopal Sharan Singh Geet Kavita

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