लोकगीत फिल्मी गीत भजन हिंदी कविता जैन भजन ग़ज़ल सवैया-कवित्त-पद शबद दोहे गीत लिरिक्स कलम-काफ़िया बाल साहित्य सभी श्रेणियाँ

आलोक धन्वा की कविताएँ | Alok Dhanwa Kavita

2024-12-18 · हिंदी कविता / Hindi Poetry

कवि आलोक धन्वा का परिचय

समकालीन हिंदी कविता के अत्यंत सशक्त, संवेदनशील और जनवादी हस्ताक्षर आलोक धन्वा का जन्म 2 जुलाई 1948 को मुंगेर, बिहार में हुआ। साठोत्तरी और सत्तर के दशक के सामाजिक-राजनैतिक उथल-पुथल के दौर में उन्होंने जनचेतना, मानवीय मुक्ति और बाल-सुलभ इच्छाओं को बेहद मौलिक बिंबों के साथ स्वर दिया। उनकी अत्यंत लोकप्रिय रचनाओं में 'जनता का आदमी', 'गोली दागो पोस्टर', 'ब्रूनो की बेटियाँ', 'भागी हुई लड़कियाँ' और उनका एकमात्र किंतु बहुचर्चित संग्रह 'दुनिया रोज़ बनती है' तथा पाठ्यक्रम में शामिल कविता 'पतंग' शामिल हैं। हिंदी काव्य को समृद्ध करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'पहल सम्मान', 'नागार्जुन पुरस्कार', 'फ़िराक़ गोरखपुरी सम्मान' और 'भवानी प्रसाद मिश्र स्मृति सम्मान' से विभूषित किया जा चुका है।

आलोक धन्वा की प्रमुख कविताएँ

इन रचनाओं को भी पढ़िए

हिंदी कविताHindi Poetryआलोक धन्वा की कविताएँAlok Dhanwa Kavitaआलोक धन्वाAlokDhanwaKavita
← सभी रचनाएँ